छत्तीसगढ़
Crime News: नशे की कमाई घरों में छिपी: बिलासपुर में एक दिन में 12 तस्कर धराए, लाखों की नकदी जब्त
जिले में नशे का कारोबार अब सिर्फ गली–चौराहों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों की चारदीवारी और रसोई तक पहुंच चुका है। ‘चेतना’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत पुलिस की एक दिन की कार्रवाई ने इस सच्चाई को बेनकाब कर दिया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई छापेमारी में 12 मामलों का खुलासा करते हुए 12 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

BILASPUR NEWS. जिले में नशे का कारोबार अब सिर्फ गली–चौराहों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों की चारदीवारी और रसोई तक पहुंच चुका है। ‘चेतना’ और ‘प्रहार’ अभियान के तहत पुलिस की एक दिन की कार्रवाई ने इस सच्चाई को बेनकाब कर दिया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई छापेमारी में 12 मामलों का खुलासा करते हुए 12 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
इस अभियान का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि नशे से कमाई गई रकम को आम घरेलू सामान के बीच छिपाया जा रहा था, ताकि किसी को शक न हो।
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कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम गनियारी में की गई कार्रवाई में पुलिस को एक महिला तस्कर के घर से गांजा के साथ 5.26 लाख रुपये नकद मिले। यह रकम रसोई में रखे डिब्बों में छिपाई गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह तरीका इस बात का संकेत है कि नशे का धंधा अब कितनी योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है।
गोलियों और गांजे से पनप रहा था नेटवर्क
सरकंडा क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली गोलियों की बड़ी खेप बरामद हुई, वहीं कोटा, सीपत, कोनी, सिविल लाइन, बेलगहना, रतनपुर, बिल्हा और सिरगिट्टी क्षेत्रों में गांजा तस्करी से जुड़े आरोपी पकड़े गए। कहीं कम मात्रा में गांजा बेचकर युवाओं को फंसाया जा रहा था, तो कहीं बड़ी खेप रखकर सप्लाई की तैयारी थी।
एक साथ दबिश, टूटती तस्करी की कड़ियाँ
पुलिस की इस समन्वित कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ना था। अलग-अलग इलाकों में एक ही दिन दबिश देकर पुलिस ने तस्करों के बीच डर का माहौल भी बनाया है।
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एसएसपी का स्पष्ट संदेश
अभियान का नेतृत्व कर रहे रजनेश सिंह ने साफ कहा है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। जागरूकता के साथ-साथ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।
समाज के लिए चेतावनी
यह कार्रवाई सिर्फ पुलिस की सफलता नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि नशे का कारोबार अब घरों के भीतर तक घुस चुका है। समय रहते सतर्कता और सहयोग ही इस खतरे को रोक सकता है।



