छत्तीसगढ़
Negligence: इलाज के दौरान 13 माह की मासूम की मौत, मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
बरमपुर बस्ती निवासी संजू केवट की 13 महीने की बेटी वानिया को सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद 20 फरवरी को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक बच्ची की हालत पहले स्थिर थी, लेकिन 24 फरवरी की रात करीब 9 बजे इलाज के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।

KORBA NEWS. जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान 13 माह की मासूम बच्ची की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रॉमा सेंटर गेट के सामने धरना प्रदर्शन किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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क्या है मामला?
बरमपुर बस्ती निवासी संजू केवट की 13 महीने की बेटी वानिया को सर्दी-खांसी की शिकायत के बाद 20 फरवरी को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक बच्ची की हालत पहले स्थिर थी, लेकिन 24 फरवरी की रात करीब 9 बजे इलाज के दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों के आरोप
मृत बच्ची की मां प्रियंका केवट और नानी अमृता निषाद ने अस्पताल स्टाफ पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—
नर्सिंग स्टाफ बच्ची का कैनुला ठीक से नहीं लगा पा रहा था। इंजेक्शन एक मेडिकल छात्रा द्वारा लगाया गया, जिसके बाद बच्ची कोमा जैसी स्थिति में चली गई।
गंभीर हालत के बावजूद स्टाफ मौके पर वरिष्ठ डॉक्टर की उपस्थिति के बिना मोबाइल के जरिए निर्देश लेकर इलाज कर रहा था।
बच्ची के पिता संजू केवट ने कहा, “यह हमारी पहली संतान थी। हमें न्याय चाहिए और जो भी दोषी हो, उस पर सख्त कार्रवाई हो।”
अस्पताल प्रशासन की सफाई
मामले पर अस्पताल अधीक्षक गोपाल कंवर ने कहा कि बच्ची निमोनिया से पीड़ित थी और उसका इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
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कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
मामला बढ़ने पर परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। जिला कलेक्टर ने घटना की जांच के लिए टीम गठित करने का आश्वासन दिया है। अस्पताल परिसर में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।




