Accident News: दूसरे की जान बचाते हुए 13 वर्षीय मासूम की मौत, बंद पड़े क्रशर प्लांट के गड्ढे में डूबा
होली के दिन आदर्श अपने कुछ दोस्तों के साथ बंद पड़े क्रशर प्लांट में जमा पानी में नहाने गया था। नहाने के दौरान उसका एक साथी अचानक गहरे पानी में जाने लगा और डूबने लगा। अपने दोस्त को संकट में देख आदर्श उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गया।

DANTEWADA NEWS. होली की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गीदम थाना क्षेत्र के नागलु सड़क किनारे स्थित एक बंद पड़े क्रशर प्लांट में डूबने से एक 13 साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान आदर्श वाघमारिया (13) के रूप में हुई है। दिल दहला देने वाली बात यह है कि आदर्श अपने डूबते हुए दोस्त की जान बचाने के लिए गहरे पानी में उतरा था, लेकिन खुद काल के गाल में समा गया।
दोस्त को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, होली के दिन आदर्श अपने कुछ दोस्तों के साथ बंद पड़े क्रशर प्लांट में जमा पानी में नहाने गया था। नहाने के दौरान उसका एक साथी अचानक गहरे पानी में जाने लगा और डूबने लगा। अपने दोस्त को संकट में देख आदर्श उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गया। दोस्त को बचाने के प्रयास में आदर्श का पैर फिसल गया और पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूब गया। हालांकि, जिस दोस्त को वह बचाने गया था, उसकी जान बच गई।
SDRF ने निकाला शव, परिजनों में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचित किया। गीदम पुलिस की टीम SDRF (State Disaster Response Force) के साथ मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने आदर्श के शव को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए प्रशासन और प्लांट प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- बंद पड़े क्रशर प्लांट के गड्ढे में लंबे समय से गहरा पानी भरा हुआ है।
- यहाँ सुरक्षा के कोई इंतजाम या बैरिकेडिंग नहीं की गई है।
- यह स्थान आसपास के बच्चों के लिए हमेशा खतरे का केंद्र बना रहता है।
गीदम थाना प्रभारी विजय पटेल ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के पहलुओं पर भी गौर किया जाएगा।








