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Corona virus update: क्या कोरोना वैक्सीन ले चुके लोग JN.1 वैरिएंट से सुरक्षित हैं? नई लहर की आशंका और विशेषज्ञों की राय

क्या JN.1 वैरिएंट से कोरोना की नई लहर आ सकती है? आइए, विशेषज्ञों की राय और तथ्यों के आधार पर इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

Corona virus update🦠: भारत में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले बढ़ने लगे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, 20 मई 2025 तक देश में 3,961 सक्रिय कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के निदेशक डॉ. राजीव बहल ने हाल ही में बताया कि भारत में कोरोना के चार वैरिएंट मौजूद हैं, जिनमें JN.1 वैरिएंट प्रमुख है। सवाल यह है कि क्या 2022 तक लगाए गए कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सीन, कोविशील्ड, स्पुतनिक) नए वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी हैं? क्या JN.1 वैरिएंट से कोरोना की नई लहर आ सकती है? आइए, विशेषज्ञों की राय और तथ्यों के आधार पर इस विषय को विस्तार से समझते हैं।

कोरोना का JN.1 वैरिएंट क्या है?

JN.1 वैरिएंट कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है, जिसकी खोज एक साल से अधिक समय पहले हो चुकी है। यह कोई नया वायरस नहीं है। दिल्ली के AIIMS में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और कोवैक्सीन के शोधकर्ता डॉ. संजय राय के अनुसार, “JN.1 वैरिएंट सामान्य सर्दी-जुकाम जितना हल्का या उससे भी कम गंभीर है। इससे डरने की जरूरत नहीं है।”

हालांकि, यह वैरिएंट तेजी से फैलता है। नागपुर सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के पूर्व सदस्य डॉ. अविनाश गावंडे बताते हैं, “JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन से हल्का है, लेकिन यह एक व्यक्ति से कई लोगों में तेजी से फैल सकता है। फिर भी, स्थिति गंभीर नहीं है।”

JN.1 वैरिएंट के लक्षण

•सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण (नाक बहना, गले में खराश)

•हल्का बुखार

•थकान

•मांसपेशियों में दर्द

•ये लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और ज्यादातर मरीज बिना अस्पताल में भर्ती हुए ठीक हो जाते हैं।

क्या पुरानी कोरोना वैक्सीन JN.1 वैरिएंट के खिलाफ प्रभावी है?

भारत में 2020-2022 के दौरान व्यापक टीकाकरण अभियान के तहत कोवैक्सीन, कोविशील्ड, और स्पुतनिक वैक्सीन दी गई थीं। लेकिन क्या ये टीके नए JN.1 वैरिएंट के खिलाफ कारगर हैं? विशेषज्ञों की राय इस पर मिली-जुली है:

डॉ. अविनाश भोंडवे (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, महाराष्ट्र के पूर्व अध्यक्ष):

•जिन लोगों ने वैक्सीन की दो डोज और बूस्टर डोज ली है, उन्हें JN.1 वैरिएंट से कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है।

•पुरानी वैक्सीन मूल वायरस के खिलाफ बनाई गई थी, इसलिए यह नए वैरिएंट पर पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती।

•फिर भी, वैक्सीन लेने वालों में लक्षण हल्के रह सकते हैं, और गंभीर बीमारी का खतरा कम होता है।

डॉ. अविनाश गावंडे:

•पुरानी वैक्सीन JN.1 वैरिएंट पर पूरी तरह काम नहीं करेगी।

•उनके अनुसार, “जैसे इन्फ्लुएंजा वायरस के लिए हर साल नया टीका बनाया जाता है, वैसे ही कोरोना के नए वैरिएंट के लिए भी हर साल नई वैक्सीन की जरूरत होगी।”

•हालांकि, जिन लोगों में पुरानी वैक्सीन से इम्यूनिटी बनी है, उन्हें हल्की सुरक्षा मिल सकती है।

नोट: रिसर्च की उच्च लागत के कारण हर साल नई वैक्सीन बनाना चुनौतीपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन न लेने वालों की तुलना में वैक्सीन ले चुके लोगों में गंभीर लक्षणों का खतरा कम होता है।

क्या JN.1 वैरिएंट से कोरोना की नई लहर आएगी?

•विशेषज्ञों का मानना है कि JN.1 वैरिएंट के कारण कोरोना की नई लहर की आशंका कम है। डॉ. अविनाश गावंडे इसके तीन कारण बताते हैं:

•टीकाकरण का व्यापक कवरेज: भारत में बड़ी संख्या में लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है, जिससे कुछ हद तक इम्यूनिटी मौजूद है।

•हल्के लक्षण: JN.1 वैरिएंट तेजी से फैलता है, लेकिन इसकी गंभीरता कम है। ज्यादातर मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं।

•कम अस्पताल में भर्ती: इस वैरिएंट के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कम है, और मृत्यु दर भी बहुत कम है।

•हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों, और पहले से बीमारियों (जैसे डायबिटीज, हृदय रोग) से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

JN.1 वैरिएंट से बचाव के लिए क्या करें?

•मास्क पहनें: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करें।

•सामाजिक दूरी: संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

•हाइजीन: बार-बार हाथ धोएं और सैनिटाइजर का उपयोग करें।

•लक्षण दिखने पर टेस्ट: अगर सर्दी-जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत कोविड टेस्ट कराएं।

•अन्य बीमारियों का ध्यान: पुरानी बीमारियों वाले लोग अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखें।

JN.1 वैरिएंट ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है, जो हल्का और कम गंभीर है। पुरानी वैक्सीन (कोवैक्सीन, कोविशील्ड) ले चुके लोगों को कुछ हद तक सुरक्षा मिल सकती है, खासकर अगर उन्होंने बूस्टर डोज भी लिया हो। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि नए वैरिएंट के लिए नई वैक्सीन की जरूरत हो सकती है। फिलहाल, नई लहर की आशंका कम है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। नियमित मास्क, हाइजीन, और सामाजिक दूरी जैसे उपाय अपनाकर आप इस वैरिएंट से सुरक्षित रह सकते हैं।

 

 

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