छत्तीसगढ़

Bilaspur News: हत्या कर रची बचने की चाल, पुराने मामले में दिया सरेंडर, पुलिस ने 20 दिन बाद किया खुलासा

सकरी थाना क्षेत्र में शराब दुकान के पास हुई बस चालक की हत्या का मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि हत्या के बाद भी आरोपी इतने दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रहे? आरोपी ने न सिर्फ कत्ल किया, बल्कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए अगले ही दिन एक पुराने मामले में सरेंडर कर पुलिस को भ्रमित कर दिया।

BILASPUR NEWS. सकरी थाना क्षेत्र में शराब दुकान के पास हुई बस चालक की हत्या का मामला सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि हत्या के बाद भी आरोपी इतने दिन तक पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे रहे? आरोपी ने न सिर्फ कत्ल किया, बल्कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए अगले ही दिन एक पुराने मामले में सरेंडर कर पुलिस को भ्रमित कर दिया।
8 दिसंबर की सुबह शराब दुकान के पास मिले शव की पहचान प्रहलाद साहनी के रूप में हुई थी। वह निजी स्कूल में बस चालक था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला।

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एक ऑडियो ने बदल दी जांच की दिशा
घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज से केवल एक ऑडियो क्लिप हाथ लगी, जिसमें मृतक गाली-गलौज करता सुनाई दे रहा था। इसी ऑडियो के आधार पर पुलिस ने इलाके के असामाजिक तत्वों की कुंडली खंगालनी शुरू की। जांच में सामने आया कि आदतन बदमाश प्रियनाथ वर्मा उर्फ बाबू अंडा घटना वाली रात शराब दुकान के आसपास मौजूद था।
हैरानी की बात यह रही कि हत्या के ठीक अगले दिन प्रियनाथ ने एक पुराने मामले में सरेंडर कर दिया, जिससे पुलिस की निगाहें उससे हट गईं। इस दौरान उसके दो साथी पुरुषोत्तम वर्मा और प्रियांशु वर्मा बेखौफ घूमते रहे।
पूछताछ में टूटी साजिश
20 दिन बाद पुलिस ने कड़ियों को जोड़ते हुए दोनों साथियों को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि प्रहलाद से विवाद के बाद तीनों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी और अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे।

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जांच पर उठे सवाल
मामले में यह भी सामने आया कि यदि ऑडियो क्लिप की बारीकी से पहले ही जांच की जाती, तो आरोपी जल्दी पकड़े जा सकते थे। हालांकि पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्य और सतत जांच के चलते ही पूरा मामला सुलझाया जा सका।

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