छत्तीसगढ़
Viral Video: सूरजपुर वन विभाग के रेस्ट हाउस में अश्लील डांस का वीडियो वायरल, जांच के आदेश
सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुमाली घाट स्थित वन विभाग के सरकारी रेस्ट हाउस में कथित रूप से अश्लील डांस और आपत्तिजनक गतिविधियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग रेस्ट हाउस के भीतर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहे हैं, जिसे लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

SURAJPUR NEWS. सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुमाली घाट स्थित वन विभाग के सरकारी रेस्ट हाउस में कथित रूप से अश्लील डांस और आपत्तिजनक गतिविधियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में कुछ लोग रेस्ट हाउस के भीतर आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाई दे रहे हैं, जिसे लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
वीडियो सामने आते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्ट हाउस का निरीक्षण किया। मीडिया से चर्चा करते हुए विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह वीडियो पुराना प्रतीत हो रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले 4 से 6 महीनों में रेस्ट हाउस में किसी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि यह वीडियो लगभग दो वर्ष पुराना हो सकता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि भले ही वीडियो पुराना हो, लेकिन सरकारी संपत्ति का इस तरह दुरुपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। यदि जांच में विभाग के किसी भी कर्मचारी, अधिकारी या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वीडियो में शामिल बाहरी लोगों और जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की जाएगी।
मामले को लेकर स्थानीय सरपंच प्रतिनिधि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुमाली घाट एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां बड़ी संख्या में परिवार और पर्यटक पिकनिक मनाने आते हैं। ऐसे स्थान पर सरकारी रेस्ट हाउस में इस प्रकार की गतिविधियां बेहद शर्मनाक और निंदनीय हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
वहीं रेस्ट हाउस के चौकीदार ने बयान दिया है कि तत्कालीन रेंजर आर.सी. प्रजापति के निर्देश पर कुछ नेताओं को रेस्ट हाउस उपलब्ध कराया गया था। इस खुलासे के बाद मामला और भी गंभीर होता नजर आ रहा है।
फिलहाल वन विभाग द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।




