भारत

Bjp ke pass kitna paisa hai: भाजपा के पास कितनी संपत्ति और कितना चंदा; जानिए चुनाव आयोग की खास रिपोर्ट।

चुनाव आयोग को सौंपी ऑडिट रिपोर्ट में भाजपा की आर्थिक ताकत का खुलासा हुआ है। जानें 2024-25 में पार्टी को कितना चंदा मिला, कुल संपत्ति कितनी है और चुनाव प्रचार पर कितना खर्च हुआ।

Bjp ke pass kitna paisa hai: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें पार्टी की आर्थिक स्थिति से जुड़े अहम आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा को रिकॉर्ड स्तर पर चंदा प्राप्त हुआ है और पार्टी की कुल जमा पूंजी लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच चुकी है।

भाजपा की कुल संपत्ति में बड़ी बढ़ोतरी

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के दौरान भाजपा के खातों में 2,882 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की गई। 31 मार्च 2025 तक पार्टी के जनरल फंड में मौजूद राशि बढ़कर 12,164 करोड़ रुपये हो गई, जो इससे पहले 9,169 करोड़ रुपये थी। इससे साफ है कि एक साल में पार्टी की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

चंदे से हुई रिकॉर्ड आय

वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा को कुल 6,125 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जबकि इससे पिछले साल यह आंकड़ा 3,967 करोड़ रुपये था। यानी चंदे से होने वाली आय में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पार्टी के पास 9,390 करोड़ रुपये की सावधि जमा (Fixed Deposit) है, जिससे उसे 2024-25 में बैंकों से करीब 634 करोड़ रुपये का ब्याज प्राप्त हुआ।

टैक्स रिफंड से भी मिली आमदनी

भाजपा ने इस अवधि में 65.92 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड क्लेम किया, जिस पर पार्टी को 4.40 करोड़ रुपये का ब्याज भी मिला। यह राशि भी पार्टी की कुल आय में शामिल रही।

चुनाव प्रचार पर भारी खर्च

रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में भाजपा का सबसे बड़ा खर्च चुनाव प्रचार पर हुआ। पार्टी ने इस साल कुल 3,335.36 करोड़ रुपये चुनावी गतिविधियों पर खर्च किए, जो कुल खर्च का लगभग 88 प्रतिशत है।
इसमें से 312.9 करोड़ रुपये उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए।

यात्रा और विज्ञापन पर सबसे ज्यादा खर्च

चुनावी प्रचार के दौरान हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर यात्राओं पर 583 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रचार पर 1,125 करोड़ रुपये, विज्ञापनों पर 897 करोड़ रुपये, होर्डिंग्स और बैनरों पर 107 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा, रैलियों और अभियानों पर 90.93 करोड़ रुपये तथा बैठकों पर 51.72 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज, किडनी को हो सकता है गंभीर नुकसान one plus 15 launch in india