CG High Court News: ग़रियाबंद अश्लील डांस मामला: हाईकोर्ट से SDM को मिली अंतरिम राहत, निलंबन आदेश पर रोक
छत्तीसगढ़ के ग़रियाबंद जिले में आयोजित एक ओपेरा कार्यक्रम में अश्लील डांस और नियमों के उल्लंघन के मामले में निलंबित किए गए डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनके निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। राहत मिलते ही मरकाम ने मैनपुरी अनुविभागीय कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार दोबारा संभाल लिया है।

CG HIGH COURT NEWS. छत्तीसगढ़ के ग़रियाबंद जिले में आयोजित एक ओपेरा कार्यक्रम में अश्लील डांस और नियमों के उल्लंघन के मामले में निलंबित किए गए डिप्टी कलेक्टर तुलसीदास मरकाम को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने उनके निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से 10 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। राहत मिलते ही मरकाम ने मैनपुरी अनुविभागीय कार्यालय पहुंचकर अपना पदभार दोबारा संभाल लिया है।
दरअसल, ग़रियाबंद के उरमाल में 8 से 10 जनवरी के बीच एक ‘युवा समिति’ द्वारा 6 दिवसीय ओपेरा (ऑर्केस्ट्रा) का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस कार्यक्रम में ओडिशा से आई डांसर्स ने अर्धनग्न होकर अश्लील नृत्य किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में खुद SDM तुलसीदास मरकाम मंच के सामने बैठकर वीडियो बनाते और पैसे लुटाते नजर आए थे। इसके अलावा, कुछ पुलिसकर्मियों के भी डांसर्स के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के वीडियो सामने आए थे।
निलंबन और हाईकोर्ट की शरण
मामला तूल पकड़ने पर कमिश्नर महादेव कावरे ने 16 जनवरी को SDM मरकाम को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। उन पर नियम विरुद्ध कार्यक्रम की अनुमति देने और पद की गरिमा के खिलाफ आचरण करने का आरोप था। इस आदेश के खिलाफ मरकाम ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
मरकाम के तर्क:
-कमिश्नर ने उनका पक्ष सुने बिना ही एकतरफा कार्रवाई की।
-वह राज्य सरकार के अधीन हैं, इसलिए सीधे कमिश्नर द्वारा की गई यह कार्रवाई प्रक्रियात्मक रूप से गलत है।
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कोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने 29 जनवरी को मामले की सुनवाई करते हुए निलंबन आदेश पर अंतरिम राहत प्रदान की। कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए 10 दिन का समय दिया है और अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद तय की है।
अब तक की अन्य कार्रवाई
इस मामले में पुलिस पहले ही सख्त कदम उठा चुकी है अश्लीलता फैलाने के आरोप में आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्यक्रम के लिए प्रति डांसर 60 हजार रुपये फीस और 200 से 400 रुपये तक के टिकट रखे गए थे। वायरल वीडियो में दिख रहे अन्य पुलिसकर्मियों पर भी विभागीय जांच की तलवार लटकी हुई है।











