छत्तीसगढ़
Murder News: पारिवारिक विवाद का दर्दनाक अंजाम: पिता ने 6 वर्षीय बेटे की कुएं में डुबोकर हत्या की
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जामढोंढी (भदरापारा) में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते एक पिता ने अपने ही छह वर्षीय बेटे की नृशंस हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

RAIGARH NEWS. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जामढोंढी (भदरापारा) में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते एक पिता ने अपने ही छह वर्षीय बेटे की नृशंस हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी विनोद माहेश्वरी (30) का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी के घर छोड़कर अलग रहने के कारण वह मानसिक रूप से तनाव में था। इसी तनाव में उसने अपने मासूम बेटे हितेश माहेश्वरी (6) की जान ले ली।
ये भी पढ़ें: Crime News: चोरी के सोने पर हाथ साफ करने वाली महिला हेड कांस्टेबल को जेल: सलाखों के पीछे दिया बेटे को जन्म
बताया गया कि रविवार शाम करीब 6 बजे आरोपी अपने बेटे के साथ घर के बाहर देखा गया था। इसके बाद दोनों लापता हो गए। सोमवार सुबह जब आरोपी के भाई मनोज माहेश्वरी ने घर के पीछे स्थित कुएं के पास मोटर चालू की, तो कुएं के भीतर से आवाज आने पर उसे संदेह हुआ। जब उसने कुएं में झांककर देखा, तो वहां आरोपी और बच्चे का शव पानी में तैरता मिला।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से दोनों को बाहर निकाला। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने बेटे को जान से मारने की नीयत से कुएं में फेंका और यह सुनिश्चित करने के लिए स्वयं नीचे उतरकर उसे पानी में डुबो दिया।
ये भी पढ़ें: Suicide News: प्रेमी की खुदकुशी के गम में नाबालिग प्रेमिका ने दी जान, बिलासपुर में बुआ के घर लगाई फांसी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और एक बार फिर पारिवारिक कलह के भयावह परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







