IT Raid News: छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबारियों पर IT का शिकंजा: बिलासपुर और जांजगीर में बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबारियों के खिलाफ आयकर विभाग (IT) ने एक साथ बड़ी स्ट्राइक की है। विभाग की टीमों ने गुरुवार सुबह बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले में स्थित प्रमुख कोल कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से प्रदेश के व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में कोयला कारोबारियों के खिलाफ आयकर विभाग (IT) ने एक साथ बड़ी स्ट्राइक की है। विभाग की टीमों ने गुरुवार सुबह बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले में स्थित प्रमुख कोल कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई से प्रदेश के व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की टीम ने बिलासपुर में फिल ग्रुप (Phil Group) के मालिक प्रवीण झा के घर, फैक्ट्री और कार्यालय समेत कई ठिकानों पर छापा मारा। टीम फिलहाल श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित दफ्तर और रामा वर्ल्ड स्थित निवास पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।
वहीं, जांजगीर-चांपा जिले के चांपा-बिरा रोड स्थित तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में भी IT की टीम पहुंची। यहां कोयला व्यापारी अंशुमान मुरारका के दफ्तर में वित्तीय रिकॉर्ड्स और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
इनकम टैक्स रेड की मुख्य वजहें
शुरुआती जांच और सूत्रों के हवाले से जो बातें सामने आ रही हैं, वे गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करती हैं अधिकारियों को आशंका है कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर ‘कोल मिक्सिंग’ कर टैक्स में हेराफेरी की जा रही थी। कारोबार से होने वाली वास्तविक आय की तुलना में बहुत कम टैक्स चुकाए जाने का संदेह है। जांच टीम को कंपनी के खातों और दस्तावेजों में कई विसंगतियां और टैक्स चोरी के ठोस प्रमाण मिलने की खबर है।
GST रेड से मिले इनपुट पर हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि करीब दो माह पहले बिलासपुर में स्टेट जीएसटी (GST) की टीम ने तीन कोल कारोबारियों के ठिकानों पर रेड की थी। उस दौरान महावीर कोल वाशरी, फिल ग्रुप और पारस कोल वाशरी ने मिलकर कुल 27.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए थे। माना जा रहा है कि उसी जांच से मिले इनपुट्स के आधार पर अब आयकर विभाग ने यह घेरेबंदी की है।
छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आयकर विभाग के अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद करोड़ों की अघोषित संपत्ति का खुलासा हो सकता है।







