
Bilaspur news.शहर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित खमतराई तालाब में दो युवकों की डूबकर मौत ने एक बार फिर शहर के खुले जलाशयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार को सात दोस्तों का समूह तालाब में नहाने पहुंचा था, लेकिन मौज-मस्ती का यह पल कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया।
गहराई बनी जानलेवा, नहीं थे सुरक्षा इंतजाम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सभी युवक तालाब में उतरे थे। इसी दौरान हिमांशु चहांडे और शिवम मानिकपुरी अचानक गहरे पानी की ओर चले गए। तालाब में न तो गहराई का कोई संकेतक बोर्ड था और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग। देखते ही देखते दोनों युवक डूबने लगे। साथियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे। काफी तलाश के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला गया।
सवालों के घेरे में लापरवाही
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि खमतराई तालाब में पहले भी डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद यहां न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही नियमित निगरानी की व्यवस्था है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी और छुट्टियों के दिनों में तालाबों और जलाशयों में युवाओं की भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हो जाते हैं।
पांच साथियों से पूछताछ
मामले को लेकर पुलिस ने घटना के समय मौजूद पांच दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं किसी प्रकार की धक्का-मुक्की या लापरवाही तो हादसे की वजह नहीं बनी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
प्रशासन से उठी मांग
घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने तालाब के चारों ओर बैरिकेडिंग, गहराई दर्शाने वाले बोर्ड, और नियमित पुलिस गश्त की मांग की है।
दो युवाओं की असमय मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। अब देखना होगा कि यह हादसा प्रशासन को चेताता है या फिर खमतराई तालाब यूं ही खतरे का गढ़ बना रहेगा।
https://youtu.be/Mw5CinPem-w?si=KY_os28gd5KJphgE







