छत्तीसगढ़
Raipur News:विस्थापितों पर बुलडोजर और काशी की धरोहरें टूटीं: भूपेश बघेल का साय व मोदी सरकार पर तीखा हमला
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर में नक्सल भय से विस्थापित लोगों के आवासों पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को “अमानवीयता की पराकाष्ठा” बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने जान बचाने के लिए घर-बार, खेत-खलिहान छोड़े, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था देकर पुनर्वास किया जाना चाहिए था।

RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर में नक्सल भय से विस्थापित लोगों के आवासों पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर साय सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को “अमानवीयता की पराकाष्ठा” बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने जान बचाने के लिए घर-बार, खेत-खलिहान छोड़े, उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था देकर पुनर्वास किया जाना चाहिए था।
भूपेश बघेल ने कहा कि विस्थापित लोग किसी व्यावसायिक उद्देश्य से अतिक्रमण नहीं कर रहे थे, ऐसे में प्रशासनिक संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्हें दूसरी जगह बसाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में संवेदनशीलता का अभाव है और “अधिकारी राज” हावी है।
इसके साथ ही पूर्व सीएम ने काशी के मणिकर्णिका घाट और रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तोड़े जाने के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा न आध्यात्मिक है, न आस्थावान और न ही धार्मिक—बल्कि धर्म की आड़ में केवल व्यवसाय करना जानती है।
भूपेश बघेल ने रानी अहिल्याबाई होल्कर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अमरकंटक से लेकर काशी तक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया था, फिर भी उनकी प्रतिमा को नहीं छोड़ा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि काशी कॉरिडोर के नाम पर हजार साल पुरानी मूर्तियां और मंदिर तोड़े गए। पूर्व सीएम ने शंकराचार्य के कथन का हवाला देते हुए कहा कि आज यह बात सच प्रतीत होती है कि जितनी मूर्तियां औरंगजेब के समय नहीं टूटीं, उससे अधिक वर्तमान दौर में तोड़ी गई हैं।
भूपेश बघेल ने दोनों मामलों में सरकार से संवेदनशीलता और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की मांग की।



