बजट 2026: मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत नहीं, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहा सरकार का जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, हालांकि मध्यम वर्ग को इस बार भी इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। लगभग 85 मिनट के अपने बजट भाषण में उन्होंने विकसित भारत की दिशा में उठाए जा रहे कदमों और भविष्य के रोडमैप का विवरण दिया।

NEW DELHI NEWS.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश का केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। लगातार नौवीं बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, हालांकि मध्यम वर्ग को इस बार भी इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। लगभग 85 मिनट के अपने बजट भाषण में उन्होंने विकसित भारत की दिशा में उठाए जा रहे कदमों और भविष्य के रोडमैप का विवरण दिया।
कैंसर की दवाएं होंगी सस्ती, खुलेंगे 3 नए आयुर्वेदिक एम्स
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार ने बड़ी राहत देते हुए कैंसर की 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया है, जिससे मरीजों के लिए ये दवाएं सस्ती हो सकेंगी। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए देश में 3 नए आयुर्वेदिक एम्स (AIIMS) खोलने का भी ऐलान किया गया है।
रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर का होगा कायाकल्प
कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए पश्चिम बंगाल के दानकुनी से एक नए फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे (कैपेक्स) पर 12.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से काफी अधिक है।
बजट की अन्य बड़ी घोषणाएं:
रेयर अर्थ कॉरिडोर: दुर्लभ खनिजों के लिए केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे आंध्र प्रदेश को भी लाभ होगा।
बायो-फार्मा शक्ति: दवाओं के क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ नई योजना शुरू होगी, जिसके तहत 3 नए संस्थान खुलेंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जों के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
अर्थव्यवस्था का रिपोर्ट कार्ड
वित्त मंत्री ने बताया कि भारत 7% की विकास दर (ग्रोथ रेट) के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार का मुख्य फोकस अब रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग, पुराने उद्योगों को पुनर्जीवित करने और MSME को ‘ग्लोबल चैंपियन’ बनाने पर रहेगा।










