Surajpur News:KG-2 छात्र से क्रूरता का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, सचिव से रिपोर्ट तलब
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक निजी स्कूल में KG-2 के पाँच वर्षीय छात्र को पेड़ पर रस्सी से लटकाकर अमानवीय सजा देने के मामले ने प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। घटना सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू कर दी है।

SURAJPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक निजी स्कूल में KG-2 के पाँच वर्षीय छात्र को पेड़ पर रस्सी से लटकाकर अमानवीय सजा देने के मामले ने प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है। घटना सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू कर दी है।
चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी टिप्पणी की—
“ये बहुत गलत हुआ है, बच्चों की शिक्षा का मजाक बनाकर रखा है।”
क्या है पूरा मामला
यह मामला नारायणपुर जिले के हंसवाणी विद्या मंदिर का है। नर्सरी क्लास की टीचर काजल साहू बच्चों का होमवर्क चेक कर रही थीं। इसी दौरान एक 5 साल का बच्चा अपना होमवर्क नहीं दिखा पाया। आरोप है कि टीचर गुस्से में आ गईं और बच्चे को क्लास से बाहर निकाल दिया।
इसके बाद स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी की मदद से बच्चे को घंटों लटकाए रखा गया। बच्चा रोता रहा, गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उसे नहीं उतारा। इस दौरान एक ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही हड़कंप, प्रशासन हरकत में
वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया। मीडिया रिपोर्ट्स भी सामने आईं, जिन्हें देखकर हाईकोर्ट ने घटना का स्वतः संज्ञान लिया और सुनवाई शुरू की।
राज्य शासन की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल यशवंत ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि—जिला प्रशासन ने मामले की जांच की दोषी टीचर काजल साहू को स्कूल से तुरंत हटा दिया गया। निजी स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है।
चीफ जस्टिस सख्त—“इतने बड़े स्कूल में किसी का ध्यान कैसे नहीं गया?”
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कड़े शब्दों में कहा—एक मासूम बच्चे के साथ ऐसी क्रूरता कैसे हो सकती है? इतने बड़े स्कूल में किसी का ध्यान कैसे नहीं गया? अब कहीं भी ऐसी घटनाएँ नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि शिक्षा के नाम पर बच्चों पर अत्याचार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
स्कूल शिक्षा विभाग से शपथपत्र तलब
डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि वे व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ यह बताएं—
- निजी स्कूल के दोषी शिक्षकों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?
- स्कूल प्रबंधन के खिलाफ क्या कदम उठाए गए?
- भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों, इसके लिए सरकार क्या ठोस उपाय करेगी?
सचिव को 9 दिसंबर तक विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा
जब बच्चे को पेड़ से लटकाया गया था, उसी दौरान एक ग्रामीण ने वीडियो बना लिया। वीडियो में बच्चा घंटों तक रस्सी से लटका हुआ दिख रहा है। यह वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ, जिसके बाद अभिभावकों ने स्कूल में जमकर विरोध किया।








