छत्तीसगढ़
Bilaspur News: छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट सख्त, शासन और व्यापम को नोटिस
छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024-25 में कथित अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ ने राज्य शासन और व्यापम को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में भर्ती नियम 2007 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024-25 में कथित अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ ने राज्य शासन और व्यापम को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में भर्ती नियम 2007 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
यह याचिका 10 अभ्यर्थियों की ओर से दायर की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परिणाम जारी होने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कट-ऑफ और मेरिट सूची में विसंगतियां सामने आई हैं, जहां कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जबकि अधिक अंक लाने वाले उम्मीदवार सूची से बाहर रह गए।
परिणामों के बाद से ही प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। बड़ी संख्या में असफल अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और हाल ही में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के समक्ष भी अपनी शिकायतें रखीं। हालांकि उप मुख्यमंत्री का कहना है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार संपन्न हुई है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रदेश में 5,967 पदों पर हुई आरक्षक भर्ती में व्यापक अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि कुछ जिलों और रेंज में घोषित पदों के बावजूद एक-दो पद जानबूझकर खाली छोड़े गए, जो मनमाना फैसला प्रतीत होता है। इसके साथ ही नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धति पर भी सवाल उठाए गए हैं। अलग-अलग शिफ्ट में हुई परीक्षा के अंकों के समायोजन का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए जाने से संदेह और गहरा गया है।
अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराई जाए। अब हाईकोर्ट के नोटिस के बाद इस मामले में शासन और व्यापम के जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हैं।




