छत्तीसगढ़

Ambikapur News: मैनपाट–तातापानी महोत्सव से पहले सड़क सुधार की मांग, अंबिकापुर में विरोध

सरगुजा संभाग में वर्षों से जर्जर सड़कों की समस्या जस की तस बनी हुई है। शिलान्यास और बजट स्वीकृति के बावजूद कई मार्गों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हो सकी है। खराब सड़कों के कारण रोज़ाना लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं और कई जानें भी जा चुकी हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को अंबिकापुर के घड़ी चौक पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

AMBIKAPUR NEWS.  सरगुजा संभाग में वर्षों से जर्जर सड़कों की समस्या जस की तस बनी हुई है। शिलान्यास और बजट स्वीकृति के बावजूद कई मार्गों की मरम्मत अब तक शुरू नहीं हो सकी है। खराब सड़कों के कारण रोज़ाना लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं और कई जानें भी जा चुकी हैं। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को अंबिकापुर के घड़ी चौक पर सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

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प्रदर्शन के दौरान लोग हाथों में तख्तियां लेकर “महोत्सव नहीं, सड़क चाहिए” और “पहले सड़क, बाद में उत्सव” जैसे नारे लगाते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार बलरामपुर के तातापानी महोत्सव और सरगुजा के मैनपाट कार्निवाल जैसे आयोजनों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है, लेकिन आम जनता की बुनियादी जरूरत सड़कों की अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने मांग की कि महोत्सवों के आयोजन से पहले पूरे सरगुजा संभाग की सड़कों की मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि सरकार को अब “सड़क महोत्सव” मनाना चाहिए, जिससे जनता को वास्तविक राहत मिल सके।

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उल्लेखनीय है कि मकर संक्रांति के अवसर पर बलरामपुर के तातापानी में तातापानी महोत्सव और फरवरी माह में मैनपाट में मैनपाट महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिन पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन आयोजनों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया जाए, तो जनता को वास्तविक लाभ मिल सकता है।
अब देखना यह होगा कि सरकार और जिला प्रशासन इस विरोध प्रदर्शन को गंभीरता से लेकर जर्जर सड़कों की समस्या का समाधान करते हैं या फिर एक बार फिर महोत्सवों की चकाचौंध में जनता की परेशानी दबकर रह जाएगी।

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