Crime News: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बेलतरा का सरकारी स्कूल: उद्घाटन से पहले ही उजाड़ दिया 65 लाख का भवन, पूर्व सरपंच पति और प्रिंसिपल पर FIR
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलतरा से भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 65 लाख रुपये की लागत से बने नवनिर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन को उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने बेलतरा के पूर्व सरपंच पति और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलतरा से भ्रष्टाचार और लापरवाही का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 65 लाख रुपये की लागत से बने नवनिर्मित शासकीय हाई स्कूल भवन को उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने बेलतरा के पूर्व सरपंच पति और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, राज्य शासन ने बेलतरा में हाई स्कूल भवन का निर्माण कराया था। करीब एक साल पहले स्कूल प्रबंधन ने मरम्मत का बहाना बनाकर भवन को खाली करा दिया और कक्षाओं को पास की दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया। इसी दौरान सुनियोजित तरीके से नवनिर्मित भवन से सामान गायब करने का खेल शुरू हुआ।
ये भी पढ़ें:Fraud News: जमीन सौदे के नाम पर 64 लाख की ठगी, फरार कांग्रेस नेता समेत तीन पर FIR
करीब 3 लाख का सामान उखाड़ ले गए आरोपी
जांच में खुलासा हुआ कि पूर्व सरपंच पति रामरतन कौशिक और तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य कावेरी यादव ने मिलीभगत कर स्कूल भवन में लगे दरवाजे, खिड़कियां, लोहे की ग्रिल, रोशनदान, चैनल गेट और यहाँ तक कि फर्श पर लगी कीमती टाइल्स भी उखाड़ दीं। निकाले गए इस सामान की कीमत लगभग 2 लाख 87 हजार रुपये बताई जा रही है, जिसका उपयोग आरोपियों ने दूसरी जगहों पर किया।
प्राचार्य निलंबित, ग्रामीणों की सजगता से खुला मामला
जब स्थानीय ग्रामीणों ने चमचमाते नए स्कूल भवन को खंडहर जैसी हालत में देखा, तो उन्हें संदेह हुआ। ग्रामीणों ने खुद जानकारी जुटाई और विभागीय अधिकारियों से इसकी शिकायत की। जांच में पाया गया कि प्राचार्य ने उच्च अधिकारियों को सूचना दिए बिना और अनुमति लिए बिना ही सरपंच पति को सामान निकालने की सहमति दी थी। इस घोर लापरवाही के लिए लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने प्रभारी प्राचार्य कावेरी यादव को पहले ही सस्पेंड कर दिया था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) की जांच रिपोर्ट के आधार पर 28 जुलाई 2024 को रतनपुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। लंबी जांच के बाद अब पुलिस ने आरोपी रामरतन कौशिक और कावेरी यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 427, 34 और लोक संपत्ति नुकसान अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।








