Fraud News: रजिस्ट्री के बदले मिला ‘फर्जी चेक’ का झांसा, एफएम ग्रुप के डायरेक्टर पर धोखाधड़ी का आरोप
न्यायधानी में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला सकरी थाना क्षेत्र का है, जहां एफएम ग्रुप (FM Group) के डायरेक्टर ने कलेक्ट्रेट के एक क्लर्क के साथ 13.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। जमीन की रजिस्ट्री करने के बजाय आरोपी ने पीड़ित को फर्जी चेक थमाकर उसे महीनों तक गुमराह किया।

BILASPUR NEWS. न्यायधानी में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों को भी निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला सकरी थाना क्षेत्र का है, जहां एफएम ग्रुप (FM Group) के डायरेक्टर ने कलेक्ट्रेट के एक क्लर्क के साथ 13.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। जमीन की रजिस्ट्री करने के बजाय आरोपी ने पीड़ित को फर्जी चेक थमाकर उसे महीनों तक गुमराह किया।
जानकारी के अनुसार, उसलापुर के सांई नगर निवासी रविकांत शर्मा, जो कलेक्ट्रेट कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने अपनी पत्नी सरस्वती शर्मा के नाम पर सकरी क्षेत्र के अमेरी पटवारी हल्का नंबर में 940 वर्गफुट जमीन खरीदने का सौदा किया था। यह जमीन एफएम ग्रुप के नाम पर रजिस्टर्ड बताई गई थी, जिसके संचालक मुर्तजा हुसैन हैं।
किस्तों में दिए साढ़े 13 लाख रुपये
रविकांत शर्मा ने जमीन खरीदने के लिए शोहेल मुर्तजा के साथ एग्रीमेंट किया था। कुल सौदा 16.25 लाख रुपये में तय हुआ था। पीड़ित ने 18 अक्टूबर 2023 को 50 हजार रुपये नकद देकर सौदे की शुरुआत की। इसके बाद किस्तों में कुल 13 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए गए। बाकी की राशि रजिस्ट्री के वक्त देना तय हुआ था।
फर्जी चेक का मायाजाल
पैसे लेने के बाद आरोपी रजिस्ट्री टालते रहे। काफी दबाव बनाने के बाद आरोपियों ने एग्रीमेंट कैंसिल कर दिया और पैसे लौटाने का वादा किया। पीड़ित को 5 लाख 50 हजार रुपये का एक चेक दिया गया, जो बैंक में डालने पर फर्जी निकला और बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी हर महीने एक लाख रुपये देने का झांसा देते रहे, लेकिन फूटी कौड़ी भी वापस नहीं की।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत
लगातार मिल रहे धोखे और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर क्लर्क रविकांत शर्मा ने सकरी थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब एफएम ग्रुप के डायरेक्टर और इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य सहयोगियों (वसामा आसमी, नंदन साहू, मोहम्मद अनीस कादरी) के खिलाफ जांच कर रही है।
बता दें, एफएम ग्रुप के संचालक के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी इस तरह के कई मामले सामने आए है। इसके अलावा एजुकेशन के क्षेत्र में कोचिंग सेंटर कॉपिटिशन कम्युनिटी के नाम पर चलाते हुए भी वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों की तनख्वा नहीं देने का मामला भी आया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगला चौक में भी कोचिंग का एक ब्रांच संचालित किया गया था। जहां पर आरंभ नाम से कोर्स शुरू हुआ। साल भर शिक्षकों ने स्कूली बच्चों को पढ़ाया। लेकिन वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी लगभग दो साल से अपनी बकाया सैलरी के लिए भटकना पड़ रहा है।











