Ayodhya Yatra: रामनवमी पर अयोध्या दर्शन के लिए आस्था की महायात्रा, 1 मार्च से शुरू होगा पंजीयन
संयोजक प्रवीण झा ने बताया कि यह गौरवशाली यात्रा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित की जा रही है। अब तक कुल 2016 श्रद्धालु इस माध्यम से प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष भी 1008 भक्तों के लिए पूरी तरह निशुल्क व्यवस्था की गई है। यात्रा का शुभारंभ 25 मार्च को सुबह 11 बजे पुलिस ग्राउंड से होगा, जिसमें 25 बसें और 10 कारें शामिल रहेंगी। इस दौरान प्रफुल शर्मा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, रिंकू मित्रा और राजीव अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

BILASPUR NEWS. मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से बिलासपुर का आध्यात्मिक रिश्ता एक बार फिर जीवंत होने जा रहा है। रामनवमी के पावन अवसर पर आगामी 25 मार्च को 1008 रामभक्तों का भव्य जत्था अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान करेगा। समाजसेवी एवं यात्रा संयोजक प्रवीण झा ने सोमवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में इस निशुल्क यात्रा की विस्तृत जानकारी साझा की।
संयोजक प्रवीण झा ने बताया कि यह गौरवशाली यात्रा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित की जा रही है। अब तक कुल 2016 श्रद्धालु इस माध्यम से प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष भी 1008 भक्तों के लिए पूरी तरह निशुल्क व्यवस्था की गई है। यात्रा का शुभारंभ 25 मार्च को सुबह 11 बजे पुलिस ग्राउंड से होगा, जिसमें 25 बसें और 10 कारें शामिल रहेंगी। इस दौरान प्रफुल शर्मा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, रिंकू मित्रा और राजीव अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
पंजीयन के कड़े नियम: इनका पालन अनिवार्य
यात्रा को सुव्यवस्थित रखने के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए हैं:
आयु सीमा: केवल 18 से 65 वर्ष के श्रद्धालु ही पात्र होंगे।
स्वास्थ्य: आवेदक का पूरी तरह स्वस्थ होना अनिवार्य है।
दस्तावेज: पंजीयन के समय 2 पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करनी होगी।
सीमित अनुमति: एक परिवार से अधिकतम 2 लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
प्राथमिकता: पिछले वर्ष वेटिंग लिस्ट में रहे श्रद्धालुओं को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।
कब और कहां कराएं रजिस्ट्रेशन?
स्थान: पुलिस मैदान, बिलासपुर।
तारीख: 1 मार्च से पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ।
समय: प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे तक।
सीटें सीमित होने के कारण ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर नाम दर्ज किए जाएंगे। बिना पंजीयन यात्रा में शामिल होना वर्जित है।
आस्था का आध्यात्मिक सेतु
आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं है, बल्कि बिलासपुर की सांस्कृतिक आस्था को अयोध्या से जोड़ने का एक आध्यात्मिक सेतु बन चुकी है। वर्षों से बिलासपुर में रामायण मंडली और रामभक्ति की गहरी परंपरा रही है, जिसे यह अभियान अगली पीढ़ी तक ले जाने का कार्य कर रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के भोजन, सुरक्षा और रुकने की विशेष व्यवस्था आयोजकों द्वारा की जाएगी।







