छत्तीसगढ़

CG High Court News: RTE में लापरवाही और बिलासपुर की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त

RTE के तहत कक्षा पहली में प्रवेश की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर कोर्ट ने कड़े सवाल किए। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि कुल 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्रवेश प्रक्रिया में हो रही गंभीर लापरवाही और बिलासपुर शहर की बदहाल व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए अवकाश के दिन विशेष सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

38 हजार आवेदनों में से 16 हजार अब भी लंबित

​RTE के तहत कक्षा पहली में प्रवेश की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर कोर्ट ने कड़े सवाल किए। सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि कुल 38,438 आवेदनों में से अब तक केवल 23,766 का ही सत्यापन हो पाया है, जबकि 16 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। कोर्ट ने माना कि नोडल प्राचार्यों की धीमी कार्यप्रणाली के कारण पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

सरकार से मांगा जवाब: कोर्ट ने कहा कि 13 से 17 अप्रैल के बीच प्रस्तावित स्कूल आवंटन की लॉटरी प्रक्रिया पर भी संकट मंडरा रहा है, जिससे अभिभावकों को भारी परेशानी होगी।​

अगली सुनवाई: इस मामले में राज्य सरकार से विस्तृत हलफनामा मांगा गया है।

बिलासपुर नगर निगम को फटकार: हफ्तेभर में काम पूरा करने का आदेश

​कोर्ट ने शहर के सिरगिट्टी क्षेत्र (वार्ड क्रमांक 12, बन्नाक मोहल्ला) में गंदगी और बदहाल व्यवस्था पर भी सख्त नाराजगी जताई। यहाँ पिछले डेढ़ महीने से नाली निर्माण अधूरा पड़ा है और 10 फीट गहरी खुदाई के कारण पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जलापूर्ति ठप्प है।

  • बीमारी का खतरा: कोर्ट ने कहा कि जमा गंदे पानी से डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, जो प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण है।
  • कमिश्नर को निर्देश: हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर नाली निर्माण पूरा करें, पाइपलाइन दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल करें और पूरे क्षेत्र की सफाई व सैनिटाइजेशन कराएं।
  • प्रगति रिपोर्ट: निगम आयुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ की गई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल 2026 को निर्धारित है।

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