Crime News: अस्पताल की लापरवाही ने ली जान: एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म, 5 किमी भी नहीं चल सका मरीज
जिला मुख्यालय के पास स्थित सोमेश्वर अस्पताल में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण एक मरीज ने रास्ते में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।

GARIYABAND NEWS. जिला मुख्यालय के पास स्थित सोमेश्वर अस्पताल में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण एक मरीज ने रास्ते में ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।
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ड्राइवर नहीं होने का बहाना, भाई ने खुद चलाई एम्बुलेंस
परिजनों का आरोप है कि मरीज बसंत की हालत बिगड़ने पर जब एम्बुलेंस की मांग की गई, तो अस्पताल प्रबंधन ने ड्राइवर न होने का बहाना बनाकर घंटों देरी की। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसका भाई पीतेश्वर खुद एम्बुलेंस चलाने को तैयार हो गया। आरोप है कि दोपहर 3 से 4 बजे के बीच एम्बुलेंस तो दी गई, लेकिन उसमें न तो कोई पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था और न ही ऑक्सीजन सिलेंडर की जांच की गई थी।
5 किलोमीटर के सफर में ही थम गई सांसें
परिजन मरीज को लेकर जैसे ही गरियाबंद से करीब 5 किलोमीटर आगे बढ़े, बसंत की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। आनन-फानन में पांडुका के पास एक निजी अस्पताल में जांच कराई गई, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में पता चला कि एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर पूरी तरह खाली था, जिससे मरीज को सांस लेने में मदद नहीं मिल सकी।
डॉक्टर से बहस और पुलिस का हस्तक्षेप
मौत के बाद गुस्साए परिजन शव लेकर वापस सोमेश्वर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर पूनम सरकार से उनकी तीखी बहस हुई। विवाद तब और बढ़ गया जब अस्पताल प्रबंधन ने उसी एम्बुलेंस से शव को घर ले जाने से मना कर दिया और परिजनों को 108 एम्बुलेंस बुलाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उन्हें जेल भिजवाने की धमकी भी दी।









