Viral video: जेल वार्ड में कैदी को ‘VIP’ ट्रीटमेंट, परिजनों को मिली साथ रहने की छूट; वीडियो सामने आने पर 2 प्रहरी सस्पेंड
मनेंद्रगढ़ जेल से हत्या के प्रयास के आरोपी कैदी गुरुबख्श सिंह (61) को अंबिकापुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। स्वास्थ्य खराब होने की सूचना पर डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया था। डॉक्टरों द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर जेल अधीक्षक ने परिजनों को 'अटेंडेंट' के तौर पर वार्ड में रहने की अनुमति दी थी, लेकिन इस छूट का जमकर दुरुपयोग किया गया।

AMBIKAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर सेंट्रल जेल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती एक कैदी को नियमों को ताक पर रखकर ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ दिया जा रहा था। मामले का वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद जेल अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात दो जेल प्रहरियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मनेंद्रगढ़ जेल से हत्या के प्रयास के आरोपी कैदी गुरुबख्श सिंह (61) को अंबिकापुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। स्वास्थ्य खराब होने की सूचना पर डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जेल वार्ड में भर्ती कराया था। डॉक्टरों द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर जेल अधीक्षक ने परिजनों को ‘अटेंडेंट’ के तौर पर वार्ड में रहने की अनुमति दी थी, लेकिन इस छूट का जमकर दुरुपयोग किया गया।
नियमों की उड़ी धज्जियां, मोबाइल और मिनरल वाटर की सुविधा
वायरल वीडियो और जांच में यह बात सामने आई है कि कैदी के परिजन अपनी मर्जी से जेल वार्ड में आ-जा रहे थे। जेल के कड़े नियमों के विपरीत कैदी को मोबाइल फोन, घर का खाना और मिनरल वाटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। हैरानी की बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान जेल वार्ड का ताला भी खुला पाया गया, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ी चूक है।
जेल अधीक्षक की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने औचक निरीक्षण किया। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्होंने ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी जयप्रकाश कुजूर और लोकनाथ निषाद को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही अब परिजनों को अटेंडेंट के रूप में साथ रहने की दी गई अनुमति भी रद्द कर दी गई है।
शिकायत मिलने पर जेल वार्ड की जांच की गई, जहाँ नियमों का उल्लंघन पाया गया। लापरवाही बरतने वाले दो प्रहरियों को सस्पेंड कर दिया गया है और कैदी के परिजनों की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है।”







