छत्तीसगढ़

Jaya Kishori: वापसी की उम्मीद मत रखो, बस भक्ति करो, जया किशोरी की कथा ने दिया जीवन का गहरा संदेश

मिनोचा कॉलोनी में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा एवं भजन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन दर्शन की पाठशाला बनकर उभरा। श्री प्रेम सेवा परिवार के आयोजन में विश्व विख्यात कथावाचक जया किशोरी ने भक्ति के साथ-साथ जीवन के ऐसे यथार्थ संदेश दिए, जिन्होंने श्रोताओं को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया।

BILASPUR NEWS. मिनोचा कॉलोनी में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा एवं भजन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन दर्शन की पाठशाला बनकर उभरा। श्री प्रेम सेवा परिवार के आयोजन में विश्व विख्यात कथावाचक जया किशोरी ने भक्ति के साथ-साथ जीवन के ऐसे यथार्थ संदेश दिए, जिन्होंने श्रोताओं को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया।
पहले दिन जया किशोरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईश्वर की भक्ति सौदे की तरह नहीं होनी चाहिए। भगवान को प्रसन्न करने के लिए की गई भक्ति में वापसी की अपेक्षा रखने से भाव कमजोर हो जाता है। उन्होंने कहा— “भगवान जो दें, उसे प्रसाद मानकर स्वीकार करें, मांगना छोड़ दें।”
कथा स्थल पर जब श्रीकृष्ण के भक्ति गीत गूंजे, तो श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भजन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि मन की शुद्धि का माध्यम बन गए। महिलाएं नृत्य करती नजर आईं और वातावरण राधा-कृष्ण के रंग में रंग गया।
नानी बाई के मायरो की कथा सुनाते हुए जया किशोरी ने नरसिंह जी के जीवन संघर्ष को सामने रखा। जन्म से गूंगे-बहरे नरसिंह जी को संत के आशीर्वाद से वाणी मिली और वही आगे चलकर ठाकुर जी के अनन्य भक्त बने। भगवान ने उन्हें इतना अन्न-धन दिया कि 12 पीढ़ियां बैठकर खाएं तो भी समाप्त न हो—लेकिन नरसिंह जी ने उसे समाज में बांट दिया। इस प्रसंग के माध्यम से जया किशोरी ने त्याग और संतोष का संदेश दिया।
उन्होंने समाज की सोच पर भी प्रश्न उठाया—
आज हम अमीरों के रिश्ते गर्व से बताते हैं, लेकिन गरीबों के रिश्ते छिपाते हैं। भक्ति में भी यही व्यवहार करने लगे हैं।”
उन्होंने कहा कि जीवन के बड़े फैसले दूसरों की राय पर लेने से बाद में पछतावा ही हाथ लगता है।
कथा के दौरान ‘गोपियों’ की व्याख्या करते हुए जया किशोरी ने कहा कि गोपी का अर्थ केवल स्त्री नहीं, बल्कि भाव है—वही भाव जिसमें रास के दर्शन होते हैं। इसी भाव से भक्ति की जाए, तभी ईश्वर की अनुभूति होती है।
कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आरती और सम्मान समारोह के साथ पहले दिन का आयोजन संपन्न हुआ।

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