छत्तीसगढ़

Raipur News: अब 15 दिन में होगा जमीन का डायवर्सन, नहीं काटने पड़ेंगे तहसील–पटवारी के चक्कर, ऑनलाइन सिस्टम लागू

छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन के डायवर्सन (उपयोग परिवर्तन) की प्रक्रिया को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। अब कृषि से आवासीय या आवासीय से कमर्शियल जमीन का डायवर्सन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकेगा। इसके लिए न तो आरआई–पटवारी के दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे और न ही महीनों तक फाइल अटकने की परेशानी झेलनी पड़ेगी।

RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन के डायवर्सन (उपयोग परिवर्तन) की प्रक्रिया को लेकर आम जनता को बड़ी राहत दी है। अब कृषि से आवासीय या आवासीय से कमर्शियल जमीन का डायवर्सन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकेगा। इसके लिए न तो आरआई–पटवारी के दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे और न ही महीनों तक फाइल अटकने की परेशानी झेलनी पड़ेगी।

अब तक जमीन के डायवर्सन में दो से तीन महीने तक का समय लग जाता था। शुल्क के अलावा लोगों को अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था। लेकिन सरकार के नए आदेश के बाद यह प्रक्रिया सिर्फ 15 दिनों में पूरी हो जाएगी। रविवार को जारी आदेश को राजपत्र में भी प्रकाशित कर दिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत क्षेत्रों, उनके बाहरी सीमाओं से तय किलोमीटर के दायरे और ग्रामीण इलाकों में जमीन के डायवर्सन के लिए अब सक्षम प्राधिकारी की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। ऐसी जमीनों का पुनर्निर्धारण सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वतः किया जाएगा।

नए सिस्टम के तहत जमीन मालिक को सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। क्षेत्र के अनुसार तय भू-राजस्व और प्रीमियम (डायवर्सन फीस) का भुगतान भी ऑनलाइन ही किया जाएगा। आवेदन सीधे संबंधित जिले के एसडीएम के पास पहुंचेगा और पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर मैन्युअल हस्तक्षेप नहीं होगा।

सरकार ने यह भी तय किया है कि एसडीएम को 15 दिन के भीतर आदेश जारी करना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा में आदेश जारी नहीं होता है, तो 16वें दिन सिस्टम स्वतः आदेश जारी कर देगा, और आवेदनकर्ता का डायवर्सन मान्य माना जाएगा।

इस व्यवस्था से जमीन दलालों, कॉलोनाइजरों और बिचौलियों द्वारा की जाने वाली अतिरिक्त वसूली पर भी रोक लगेगी। खासकर कृषि जमीन को आवासीय में बदलने के नाम पर मांगी जाने वाली मनमानी रकम से लोगों को राहत मिलेगी। अब केवल शासन द्वारा तय प्रीमियम दर का ही भुगतान करना होगा, वह भी पूरी तरह पारदर्शी ऑनलाइन माध्यम से।

सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस सिस्टम से जुड़ी और भी अधिसूचनाएं जारी की जाएंगी, जिससे किसी भी स्तर पर फाइल रोकने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।

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