छत्तीसगढ़

Bilaspur News: लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 100 दिन पूरे, विशाल मशाल जुलूस निकालकर दिया एकजुटता का संदेश

आंदोलन के 100 दिन पूरे होने को संघर्ष की अहम उपलब्धि बताते हुए जुलुश का नेतृत्व करने वाले  हिमांशु राई ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु राई ने कहा कि लिंगियाडीह क्षेत्र की जनता लंबे समय से मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्रवासियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से संघर्ष में लगातार साथ देने की अपील भी की।

BILASPUR NEWS. लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन के 100 दिन पूर्ण होने के अवसर पर रविवार शाम 6 बजे क्षेत्र में विशाल मशाल श्रृंखला बनाकर भव्य मशाल जुलूस निकाला गया। आंदोलनकारियों ने हाथों में जलती मशालें लेकर शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावशाली सांकेतिक प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का संदेश दिया।

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आंदोलन के 100 दिन पूरे होने को संघर्ष की अहम उपलब्धि बताते हुए जुलुसका नेतृत्व करने वाले  हिमांशु राई ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु राई ने कहा कि लिंगियाडीह क्षेत्र की जनता लंबे समय से मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्रवासियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से संघर्ष में लगातार साथ देने की अपील भी की।
मशाल जुलूस के दौरान आंदोलनकारियों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए प्रमुख चौक-चौराहों तक पहुंचा, जहां लोगों ने आंदोलनकारियों का समर्थन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखा गया।
कार्यक्रम में वार्ड पार्षद यशोधरा पाटिल, दिलीप पाटिल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनय ‘पिंकू’ पांडे, सूर्यमनी तिवारी, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष मयंक सिंह गौतम, महासचिव सोमी ध्रुव, राहुल कश्यप, सुयश यादव, प्रदीप धनकर, सूरज कौशिक, कुनाल महंत, जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन, कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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मशाल जुलूस के समापन पर आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को आगे भी उठाते रहेंगे। 100 दिन पूरे होने के अवसर पर यह आयोजन आंदोलन की निरंतरता और जनसमर्थन का प्रतीक माना जा रहा है।

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