LPG पर किसका दबदबा? दुनिया के टॉप 10 LPG उत्पादक देश; जानिए भारत की स्थिति।
LPG Gas Sabse jyada kis Desh ke pass hai: दुनिया में LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) आज हर घर की जरूरत बन चुकी है, खासकर खाना पकाने के लिए। लेकिन हाल के समय में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कतर के गैस प्लांट पर हमले की खबरों के बाद स्थिति और गंभीर मानी जा रही है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है।

LPG Gas Sabse jyada kis Desh ke pass hai: दुनिया में LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) आज हर घर की जरूरत बन चुकी है, खासकर खाना पकाने के लिए। लेकिन हाल के समय में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। कतर के गैस प्लांट पर हमले की खबरों के बाद स्थिति और गंभीर मानी जा रही है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर पड़ सकता है।
दुनिया में LPG उत्पादन करने वाले टॉप देश
वैश्विक स्तर पर LPG उत्पादन कुछ बड़े देशों के हाथ में केंद्रित है। प्रमुख उत्पादक देशों की सूची इस प्रकार है:
- संयुक्त राज्य अमेरिका – सबसे ज्यादा उत्पादन
- रूस – दूसरे स्थान पर
- ईरान
- कनाडा
- अल्जीरिया
- कतर
- नॉर्वे
- चीन
- सऊदी अरब
- संयुक्त अरब अमीरात
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि LPG उत्पादन कुछ ही देशों में सीमित है, जिससे वैश्विक सप्लाई पर उनका बड़ा प्रभाव रहता है।
भारत की स्थिति
इस सूची में टॉप 10 में शामिल नहीं है, लेकिन टॉप 30 देशों में जरूर आता है। वर्तमान में भारत लगभग 29वें स्थान पर है। इसका मतलब है कि देश को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर LPG आयात करना पड़ता है।
बढ़ते तनाव का असर
मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का सीधा असर गैस सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो LPG की उपलब्धता कम हो सकती है और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होगा।
जानिए LPG क्या है?
LPG दो मुख्य गैसों—प्रोपेन और ब्यूटेन—का मिश्रण होता है। इसे दबाव में तरल रूप में सिलेंडर में भरा जाता है। जैसे ही सिलेंडर का वाल्व खोला जाता है, यह गैस में बदलकर जलने लगती है।
इसका उपयोग घरों में खाना बनाने, वाहनों में ईंधन के रूप में और उद्योगों में हीटिंग व मशीन चलाने के लिए किया जाता है। यह एक साफ ईंधन माना जाता है क्योंकि इससे धुआं कम निकलता है और प्रदूषण भी अपेक्षाकृत कम होता है।







