छत्तीसगढ़

Crime News: अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क का खुलासा: बिलासपुर पुलिस ने सप्लायर को दबोचा

छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस को अवैध हथियारों के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जरहाभाटा की एक 'मिनी बस्ती' से मिली एक छोटी सी सूचना ने पुलिस को भोपाल से लेकर बड़वानी के जंगलों तक फैले अवैध हथियारों के एक बड़े साम्राज्य तक पहुँचा दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक शातिर बदमाश और एक प्रमुख सप्लायर को गिरफ्तार किया है, हालांकि गिरोह का मुख्य सरगना (किंगपिन) पुलिस के पहुँचने से पहले ही फरार होने में सफल रहा।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस को अवैध हथियारों के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जरहाभाटा की एक ‘मिनी बस्ती’ से मिली एक छोटी सी सूचना ने पुलिस को भोपाल से लेकर बड़वानी के जंगलों तक फैले अवैध हथियारों के एक बड़े साम्राज्य तक पहुँचा दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक शातिर बदमाश और एक प्रमुख सप्लायर को गिरफ्तार किया है, हालांकि गिरोह का मुख्य सरगना (किंगपिन) पुलिस के पहुँचने से पहले ही फरार होने में सफल रहा।

​मामले की शुरुआत 30 जनवरी को हुई जब सिविल लाइन पुलिस ने सूचना के आधार पर 5 निगरानी बदमाशों के घरों पर दबिश दी। इस दौरान स्वराज कुर्रे (20 वर्ष) को पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से ​एक अवैध पिस्टल, दो मैगजीन और जिंदा कारतूस, 1100 नशीली टैबलेट बरामद हुईं। पूछताछ के दौरान स्वराज ने खुलासा किया कि उसने यह हथियार भोपाल के धीरेंद्र सिंह तोमर (37 वर्ष) से खरीदे थे।

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भोपाल में दबिश और बड़वानी का कनेक्शन

​स्वराज से मिले सुराग के बाद पुलिस टीम तुरंत भोपाल रवाना हुई। वहां धीरेंद्र के घर की तलाशी के दौरान अलमारी और बेड के नीचे से भारी मात्रा में पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। धीरेंद्र ने कबूल किया कि उसने अब तक स्वराज को 5 पिस्टल बेची हैं। धीरेंद्र से हुई पूछताछ के बाद पुलिस की कड़ियां मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से जुड़ीं, जो अवैध हथियारों के निर्माण का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

जंगल के 20 किमी भीतर चल रही थी ‘गन फैक्ट्री’

​पुलिस की टीम जब बड़वानी पहुँची, तो होश उड़ा देने वाला खुलासा हुआ। घने जंगलों के लगभग 20 किलोमीटर भीतर अवैध हथियार बनाने का कारखाना चल रहा था। पुलिस के पहुँचने से पहले ही मुख्य सरगना वहां से भाग निकला। बताया जा रहा है कि आरोपी आपस में व्हाट्सएप कॉल के जरिए बात करते थे, जिससे पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रैक करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अवैध हथियारों का हब बना बड़वानी

​रिपोर्ट के मुताबिक, बड़वानी का यह इलाका पूरे देश में अवैध ऑटोमैटिक हथियारों के लिए कुख्यात है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पुलिस की दबिश के दौरान आरोपी अक्सर ‘डमी हथियार’ देकर बच निकलते हैं। यहां निर्मित पिस्टल छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में सप्लाई की जाती हैं। महाराष्ट्र बॉर्डर के पास इसकी सबसे ज्यादा डिमांड रहती है।

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पुलिस की चेतावनी:

बिलासपुर पुलिस अब फरार सरगना की तलाश में जुटी है। मध्य प्रदेश पुलिस ने भी पिछले कुछ समय में बड़वानी से 15 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कई कारखाने बंद हुए हैं, लेकिन अब भी कुछ गिरोह चोरी-छिपे जंगलों से यह काला कारोबार संचालित कर रहे हैं।

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