छत्तीसगढ़

BIlaspur News:अचानकमार टाइगर रिजर्व में प्रबंधन की बड़ी लापरवाही: दो घायल बाघों की तलाश में मिला तीसरे का सड़ा हुआ शव

अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से एक दिल दहला देने वाली और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है। जंगल में दो घायल बाघों को खोजने निकली वन विभाग की टीम को एक अन्य नर बाघ का शव मिला है। शव की हालत इतनी खराब थी कि वह पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि बाघ की मौत कई दिन पहले ही हो चुकी थी।

BILASPUR NEWS. अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से एक दिल दहला देने वाली और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाली खबर सामने आई है। जंगल में दो घायल बाघों को खोजने निकली वन विभाग की टीम को एक अन्य नर बाघ का शव मिला है। शव की हालत इतनी खराब थी कि वह पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि बाघ की मौत कई दिन पहले ही हो चुकी थी।

ट्रैप कैमरे ने खोली पोल

​मामले का खुलासा तब हुआ जब बाघों की गणना के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरों के डेटा की जांच की गई। 20 जनवरी की तस्वीरों में दो बाघ लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल अवस्था में दिखाई दिए थे। ये तस्वीरें सारसडोल से जल्दा रोड के बीच के क्षेत्र की थीं। हैरानी की बात यह है कि अफसरों को इसकी जानकारी 22 जनवरी को हुई, फिर भी टीम भेजने में तत्परता नहीं दिखाई गई।

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तलाश में जुटी टीम को मिली लाश

​घायल बाघों को ढूंढने के लिए 25 जनवरी को एक विशेष टीम रवाना की गई थी। कुडेरापानी के कक्ष क्रमांक 120 (रिजर्व फॉरेस्ट) में तलाशी के दौरान टीम को भारी दुर्गंध आई। जब टीम मौके पर पहुँची, तो वहां एक नर बाघ का शव सड़ी-गली अवस्था में मिला। यह वह बाघ नहीं था जिसे टीम ढूंढ रही थी, बल्कि यह तीसरा बाघ था जिसकी मौत की खबर से एटीआर प्रशासन के होश उड़ गए हैं।

प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

​इस घटना ने एटीआर के मैदानी अमले और निगरानी तंत्र की पोल खोल कर रख दी है।

-बाघ की मौत हो गई और लाश सड़ गई, लेकिन गश्ती दल को इसकी भनक तक नहीं लगी।

-घायल बाघों की सूचना मिलने के बावजूद रेस्क्यू टीम भेजने में 3 दिन का समय क्यों लगा?

-जिन दो घायल बाघों की तलाश की जा रही है, उनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

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​विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते घायल बाघों का इलाज नहीं हुआ, तो एटीआर में बाघों का कुनबा और भी कम हो सकता है। फिलहाल वन विभाग शव का पोस्टमार्टम कराकर मौत के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।

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