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हैवेंस पार्क कांड में बड़ा फैसला: रितेश उर्फ मैडी समेत 13 दोषी करार, 7 साल की सजा

शहर के चर्चित हैवेंस पार्क कांड में आखिरकार तीन साल बाद न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी सहित कुल 13 आरोपियों को दोषी करार दिया है। हैवेंस पार्क होटल के सामने हुई संगठित मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

Bilaspur News.शहर के चर्चित हैवेंस पार्क कांड में आखिरकार तीन साल बाद न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी रितेश निखारे उर्फ मैडी सहित कुल 13 आरोपियों को दोषी करार दिया है। हैवेंस पार्क होटल के सामने हुई संगठित मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

यह फैसला विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) लवकेश प्रताप सिंह की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (जान से मारने की कोशिश), 147 (बलवा) समेत अन्य धाराओं में अपराध सिद्ध माना।

6 मई की रात का खौफनाक मंजर

घटना 6 मई 2023 की रात की है, जब होटल के सामने मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने समूह बनाकर हमला किया और पीड़ितों को घेरकर बेरहमी से मारपीट की। गंभीर चोटों के चलते मामला जानलेवा हमले तक पहुंच गया।

7 मई को पुलिस ने अपराध दर्ज किया और क्रमशः सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 24 जुलाई 2023 को पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया। लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और साक्ष्यों की पड़ताल के बाद 28 फरवरी 2026 को अदालत ने दोष सिद्ध मानते हुए सजा सुना दी।

अदालत का सख्त संदेश

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक स्थान पर सामूहिक हिंसा समाज के लिए गंभीर खतरा है और कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फैसले के साथ ही इस बहुचर्चित प्रकरण पर न्यायिक विराम लग गया, वहीं शहर में कानून के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।

ये हैं मामले के दोषी

रितेश निखारे उर्फ मैडी के अलावा जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया, उनमें —

सिद्धार्थ शर्मा, छोटू शर्मा, फरीद अहमद उर्फ सोनू खान, आयुष मराठा उर्फ बाबू एम, वरुण डिकेड शर्मा उर्फ प्रिंस शर्मा, काव्य गढ़वाल, रूपेश दुबे, आदित्य प्रकाश दुबे, सोनू माली उर्फ आशीष माली, मोहम्मद साबिर उर्फ रानू, विकास वैष्णव उर्फ बाबा राजू, विराज सिंह ध्रुव और गोलू विदेशी शामिल हैं।

शहर में चर्चा का विषय

घटना के समय यह मामला सोशल मीडिया और शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ था। अब फैसले के बाद इसे न्याय व्यवस्था की सख्ती के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

 

हैवेंस पार्क कांड का यह फैसला न सिर्फ पीड़ित पक्ष के लिए राहत है, बल्कि सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ एक स्पष्ट चेतावनी भी है।

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