छत्तीसगढ़
Bilaspur News:14.18 लाख टैक्स घोटाले में RI निलंबित, राशि जमा नहीं हुई तो FIR
नगर निगम बिलासपुर में टैक्स वसूली से जुड़ी गंभीर आर्थिक अनियमितता सामने आई है। जोन क्रमांक-2 के राजस्व निरीक्षक (RI) रामनारायण देवांगन को 14 लाख 18 हजार 207 रुपये के टैक्स घोटाले के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे द्वारा की गई।

BILASPUR NEWS. नगर निगम बिलासपुर में टैक्स वसूली से जुड़ी गंभीर आर्थिक अनियमितता सामने आई है। जोन क्रमांक-2 के राजस्व निरीक्षक (RI) रामनारायण देवांगन को 14 लाख 18 हजार 207 रुपये के टैक्स घोटाले के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे द्वारा की गई।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान संपत्तिकर, समेकित कर एवं यूजर चार्ज के रूप में वसूली गई 14,18,207 रुपये की राशि को नियमानुसार निगम कोष में जमा नहीं किया गया। इसे नगर निगम प्रशासन ने गंभीर आर्थिक अनियमितता माना है।
नियम 9 के तहत की गई कार्रवाई
इस मामले में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 (1)(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया गया है। निगम आयुक्त ने आदेश जारी कर संबंधित अधिकारी से समस्त बकाया राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
राशि जमा नहीं होने पर FIR
नगर निगम प्रशासन ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की जाती है, तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंटरनल ऑडिट में सामने आया घोटाला
यह घोटाला नगर निगम के आंतरिक ऑडिट (इंटरनल ऑडिट) में उजागर हुआ। वर्तमान में चल रहे वर्ष 2023-24 के ऑडिट के दौरान जोन क्रमांक-2 में राजस्व कर वसूली में यह बड़ी गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा।
जांच रिपोर्ट के बाद निलंबन
ऑडिट रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपे जाने के बाद आयुक्त ने संयुक्त संचालक वित्त के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर राजस्व निरीक्षक रामनारायण देवांगन को निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
नगर निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में अन्य जोनों की भी सघन जांच की जाएगी, ताकि टैक्स वसूली व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जा सके और भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।




