छत्तीसगढ़

Viral Video: बिलासपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक: गोलीकांड के आरोपियों ने जेल के अंदर बनाई रील, ‘सीधा ठोक दूँ’ गाने पर वीडियो वायरल

अक्टूबर 2025 में मस्तुरी के कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के आरोपी वर्तमान में बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। हाल ही में इन आरोपियों से मिलने आए कुछ युवकों ने मुलाकात कक्ष (Visiting Room) में मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया। इस वीडियो को _devebh_don99x नामक इंस्टाग्राम आईडी से साझा किया गया है।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में है। मस्तुरी गोलीकांड के मुख्य आरोपियों ने जेल के भीतर से सोशल मीडिया पर रील (Reel) अपलोड कर सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं। इस मामले के सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

​अक्टूबर 2025 में मस्तुरी के कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष नितेश सिंह पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के आरोपी वर्तमान में बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। हाल ही में इन आरोपियों से मिलने आए कुछ युवकों ने मुलाकात कक्ष (Visiting Room) में मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया। इस वीडियो को _devebh_don99x नामक इंस्टाग्राम आईडी से साझा किया गया है।

जल्दी आओ मामा लोग’ के साथ विवादित गाना

​वायरल रील में बैकग्राउंड में ‘सीधा ठोक दूँ शहर में जो दादा बनता’ गाना बज रहा है। वीडियो में मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और उसके साथी जेल की सलाखों के पीछे नजर आ रहे हैं। वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है— “जल्दी आओ मामा लोग”। रील वायरल होने के बाद आम जनता ने जेल की सघन चेकिंग और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

पुरानी रंजिश और बदला लेने की साजिश

​पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरा विवाद पुरानी रंजिश का नतीजा है। करीब दो साल पहले नितेश सिंह ने विश्वजीत अनंत पर हमला किया था, जिसका बदला लेने के लिए 28 अक्टूबर 2025 को नितेश सिंह पर 14 राउंड फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने विश्वजीत अनंत और अकबर खान समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से 10 अभी जेल में हैं।

जेल प्रशासन की कार्रवाई

​जेल के भीतर मोबाइल का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद वीडियो का बाहर आना एक गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि, “चोरी-छिपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों की पहचान की जा रही है। तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई होगी।”

वर्तमान में इस घटना के दो अन्य आरोपी नागेंद्र राय और तारकेश्वर पाटले अब भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

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