Viral Video: धन्यवाद से काम नहीं चलेगा, 1000 रुपए लूंगी”, डिलीवरी के बाद वसूली करने वाली दो नर्सें सस्पेंड
वायरल वीडियो प्रसूति वार्ड का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब एक नवजात के परिजनों ने स्टाफ को धन्यवाद देना चाहा, तो स्टाफ नर्स लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "धन्यवाद से काम नहीं चलेगा, एक (हजार) मैं लूंगी और पांच (सौ) इनको दे दो।"

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) में डिलीवरी के बाद स्टाफ नर्सों द्वारा परिजनों से सरेआम पैसों की मांग की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया, जिसके परिणामस्वरूप दो नर्सों को निलंबित कर दिया गया है।
वायरल वीडियो प्रसूति वार्ड का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब एक नवजात के परिजनों ने स्टाफ को धन्यवाद देना चाहा, तो स्टाफ नर्स लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “धन्यवाद से काम नहीं चलेगा, एक (हजार) मैं लूंगी और पांच (सौ) इनको दे दो।” परिजनों ने जब 500 रुपये देने की बात कही, तो नर्स ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सरकारी अस्पताल में कुछ भी मुफ्त नहीं मिलता, यहाँ तक कि ग्लव्स के पैसे भी लगते हैं।
एडमिशन फॉर्म के नाम पर भी वसूली
मामले की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पीड़ित परिवार से एडमिशन फॉर्म भरवाने के नाम पर भी 100 रुपये अतिरिक्त मांगे गए थे। अस्पताल के बाहर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगा होने के बावजूद कि “लेन-देन दंडनीय अपराध है”, कर्मचारी बेखौफ होकर वसूली कर रहे थे।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
वीडियो के आधार पर कलेक्टर की फटकार के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई की। स्टाफ नर्स लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ. प्रतीक प्रधान, डॉ. ममता सलूजा और डॉ. नवीन साव शामिल हैं। अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








