छत्तीसगढ़
Cyber Fraud: अनजान APK लिंक बना साइबर ठगी का हथियार, उसलापुर में अस्पताल कर्मी से 5 लाख से अधिक की ठगी
साइबर अपराधियों द्वारा APK लिंक के ज़रिये ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आनंद नगर, उसलापुर निवासी एक अस्पताल कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

BILASPUR NEWS. साइबर अपराधियों द्वारा APK लिंक के ज़रिये ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आनंद नगर, उसलापुर निवासी एक अस्पताल कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 10 बजे पीड़ित के मोबाइल पर वॉट्सऐप के माध्यम से एक फर्जी संदेश प्राप्त हुआ। संदेश भेजने वाले नंबर की डीपी में परिवहन विभाग का लोगो लगा हुआ था, जिससे संदेश विश्वसनीय प्रतीत हुआ।
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संदेश में एक APK लिंक भेजा गया था, जिसमें पीड़ित की मोटरसाइकिल का नंबर लिखते हुए यह दावा किया गया कि वाहन का ई-चालान काटा गया है।
वाहन नंबर अपना होने के कारण पीड़ित ने चालान देखने के उद्देश्य से लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और UPI एप्स तक साइबर ठगों की पहुंच हो गई। इसके बाद महज 5 मिनट के भीतर पीड़ित के खाते से UPI के माध्यम से किस्तों में कुल ₹5,00,199 की राशि निकाल ली गई।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच प्रारंभ कर दी है।
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पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि—
-किसी भी अनजान वॉट्सएप लिंक, विशेषकर APK फाइल पर क्लिक न करें
-ई-चालान या सरकारी संदेश केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही जांचें
-बैंक, UPI, OTP या निजी जानकारी किसी से साझा न करें
-पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है।




