छत्तीसगढ़
Ambikapur News: कुत्ते के काटे बकरे का मांस प्रसाद में बांटने का आरोप, रेबीज डर से गांव में हड़कंप
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सरगवा ग्राम पंचायत में निकासी पूजा के दौरान एक कथित रेबीज संक्रमित बकरे का मांस प्रसाद के रूप में बांटे जाने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। जैसे ही यह बात सामने आई कि जिस बकरे की बलि दी गई थी, उसे पहले कुत्ते ने काटा था, ग्रामीणों में भय और आक्रोश फैल गया।

AMBIKAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सरगवा ग्राम पंचायत में निकासी पूजा के दौरान एक कथित रेबीज संक्रमित बकरे का मांस प्रसाद के रूप में बांटे जाने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। जैसे ही यह बात सामने आई कि जिस बकरे की बलि दी गई थी, उसे पहले कुत्ते ने काटा था, ग्रामीणों में भय और आक्रोश फैल गया।
रविवार को आयोजित निकासी पूजा में गांव में 17–18 बकरों की बलि दी गई थी। इन्हीं में से एक बकरा ऐसा था, जिसे कुछ माह पहले कुत्ते ने काटा था। पूजा के बाद जब यह जानकारी ग्रामीणों तक पहुंची कि कुत्ते के काटे बकरे का मांस भी प्रसाद के रूप में खाया गया है, तो गांव में रेबीज संक्रमण को लेकर दहशत का माहौल बन गया।
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ग्रामीणों ने सरपंच और उपसरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जानबूझकर कुत्ते द्वारा काटे गए बकरे का मांस लोगों को खिलाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाने और चिकित्सकीय जांच कराने की मांग शुरू कर दी।
मामले की पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि बकरे को कुत्ते ने कुछ महीने पहले काटा था, लेकिन उस दौरान बकरे में रेबीज के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई दिए थे।
इस संबंध में पशु चिकित्सक से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि मांस को अच्छी तरह पकाकर खाने से रेबीज संक्रमण का खतरा नहीं रहता, क्योंकि उच्च तापमान पर पकाने से वायरस नष्ट हो जाते हैं। हालांकि उन्होंने एहतियातन ग्रामीणों को डॉक्टरों से परामर्श लेने की सलाह भी दी है।
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इधर, बढ़ते विरोध और भय के माहौल को देखते हुए गांव के उपसरपंच ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर गांव में मेडिकल कैंप लगाने की मांग की है। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि ग्रामीणों में अब भी दहशत का माहौल बना हुआ है।




