छत्तीसगढ़
CG High Court:शादी का झांसा देकर संबंध बनाना हर मामले में दुष्कर्म नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला, 20 साल बाद आरोपी बरी
मामला सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2000 में पीड़िता 12वीं की छात्रा थी और किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान लीना राम ध्रुव नामक युवक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।

BILASPUR NEWS. शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि महिला बालिग है और उसकी सहमति से संबंध बने हैं, तो हर मामले में इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को निरस्त करते हुए आरोपी को लगभग 20 साल बाद बड़ी राहत दी।
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क्या था मामला
मामला सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2000 में पीड़िता 12वीं की छात्रा थी और किराये के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसकी पहचान लीना राम ध्रुव नामक युवक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
पीड़िता का आरोप था कि युवक ने शादी का वादा कर उसके साथ करीब तीन साल तक शारीरिक संबंध बनाए और उसे पत्नी की तरह साथ रखा, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर दिया और फरार हो गया। इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
निचली अदालत ने सुनाई थी सजा
मामले की सुनवाई के बाद अंबिकापुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 2005 में आरोपी को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए 7 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ आरोपी ने हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की थी।
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हाईकोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस एन.के. व्यास की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि केवल शादी का वादा कर संबंध बनाना हर परिस्थिति में दुष्कर्म नहीं माना जा सकता। अदालत ने पाया कि घटना के समय महिला बालिग थी और अपने निर्णय के परिणाम समझने में सक्षम थी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि आरोपी की मंशा शुरू से ही धोखा देने की थी या उसने केवल शारीरिक संबंध बनाने के उद्देश्य से विवाह का झांसा दिया था।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को अवैध मानते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।



