
MAHAKUMBH 2025 PRAYAGRAJ NEWS. महाकुंभ मेला प्रयागराज में मंगलवार के रात में भगदड़ मच गया। प्रयागराज में महाकुंभ के संगम स्थल पर यह भगदड़ मचा। भगदड़ के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु घायल हो गए है। वहीं 40 से अधिक लोगों के मरने की आशंका है। मौनी अमावस्या के अवसर पर महाकुंभ में देश-विदेश से 9 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान करने पहुंचे थे। इस भगदड़ के चलते कई लोगों को जान गवानी पड़ी।
बता दें, प्रयागराज महाकुंभ के संगम तट पर मंगलवार की देर रात करीब 1 से डेढ़ बजे के बीच भगदड़ मच गई। इस हादसे में अब तक 40 से अधिक लोगों के मौत होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं इस भगदड़ में सैकड़ों लोग घायल हुए है। हादसे में घायल लोगों को प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में रखा गया है। इस हादसे के बाद से ही प्रयागराज महाकुंभ में प्रवेश के सभी एंट्री पाइंट भदोही, चित्रकूट, कौशंबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर बॉर्डर को बंद कर दिया गया है।

राहुल गांधी ने हादसे को इंतजाम में कमी को बताया
इस हादसे के बाद से ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रयागराज कुंभ मेले में बदइंतजामी होने की बात कहीं है साथ ही यहां पर सरकार को पुख्ता इंतजाम के बिना इतने लोगों को प्रवेश देने को कारण बताया है। वहीं वीआईपी कल्चर को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया है। भगदड़ पर अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ को सेना के हवाले कर देना चाहिए।
भीड़ ज्यादा होने से भगदड़
महाकुंभ में भगदड़ की वजह अधिक भीड़ व इंतजाम में कमी को माना जा रहा है। अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे। इस कारण से संगम के स्थल पर लाखों की संख्या में लोगों उपस्थित थे। इसी दौरान बेरिकेट्स में फंसने से कुछ लोग गिर गए। यह देखकर वहां भगदड़ मच गया।
हादसे के बाद एनएसजी कमांडो ने संभाला मोर्चा
इस हादसे के बाद प्रशासन की ओर से सहायता पहुंचाई गई। लेकिन स्थिति को काबू में करने के लिए एनएसजी कमांडो को बुलाया गया और वहां की कमान संभाली। इससे भगदड़ काफी देर के बाद शांत हो गया। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं प्रयागराज से सटे जिलों में श्रद्धालुओं को रोक भी दिया गया है।











