Crime News: पहले बनकर आया मददगार, फिर किया ऐसा कांड कि पिता के उड़ गए होश… खाते से गायब हुए 2.50 लाख
ठगी के आरोप में गिरफ्तार रूपचंद मनहर (47) कोई नया अपराधी नहीं है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वर्ष 2025 से थाना क्षेत्र की गुंडा-बदमाश सूची में भी शामिल है।

BILASPUR NEWS. बेटी की शादी के लिए आर्थिक मदद की तलाश कर रहे एक पिता को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि लोन दिलाने का भरोसा दिलाने वाला व्यक्ति उसके बैंक खाते पर ही हाथ साफ कर देगा। मस्तुरी में सामने आए इस मामले में आरोपी ने पीड़ित का भरोसा जीता, लोन की प्रक्रिया में मदद की और फिर बैंक के कामकाज की आड़ लेकर पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से 2.50 लाख रुपये निकाल लिए।
हैरानी की बात यह है कि ठगी के आरोप में गिरफ्तार रूपचंद मनहर (47) कोई नया अपराधी नहीं है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वर्ष 2025 से थाना क्षेत्र की गुंडा-बदमाश सूची में भी शामिल है।
आंकडीह निवासी भुनेश्वर दास (44) को बेटी की शादी के लिए पैसों की जरूरत थी। मस्तुरी तहसील कार्यालय में उसकी मुलाकात सरगंवा निवासी रूपचंद से हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह जमीन के दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन दिलाने में मदद करेगा। वह भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा लेकर गया, जहां 4.50 लाख रुपये का लोन मंजूर हो गया।
लोन की रकम पर नजर, जांच के बहाने लिया बैंक का सामान
पुलिस के मुताबिक 20 मार्च 2025 को आरोपी ने बैंक में जांच कराने का बहाना बनाया और पीड़ित की पासबुक, चेकबुक व एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। इसके बाद उसने चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से ढाई लाख रुपये निकाल लिए।
पीड़ित को इस ठगी का पता तब चला, जब वह बेटी की शादी की तैयारी के लिए बैंक से पैसे निकालने पहुंचा। खाते से रकम गायब देखकर उसके होश उड़ गए और उसने मस्तुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पूछताछ में स्वीकार किया जुर्म
मस्तुरी थाना प्रभारी सलीम खाखा के अनुसार, शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338, 340, 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी ने रकम निकालकर खर्च करने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।







