अयोध्या विहार कॉलोनी में पार्किंग की समस्या, एक मकान में 3-4 गाड़ियां और घरेलू गैस सिलेंडरों से लदा टेंपो खड़ा होने से रहवासी परेशान
लिंगियाडीह स्थित अपोलो अस्पताल के पास अयोध्या विहार कॉलोनी में पार्किंग की समस्या को लेकर रहवासी परेशान हैं। कॉलोनी में कुछ मकानों में तीन से चार गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिलासपुर। लिंगियाडीह स्थित अपोलो अस्पताल के पास अयोध्या विहार कॉलोनी में पार्किंग की समस्या को लेकर रहवासी परेशान हैं। कॉलोनी में कुछ मकानों में तीन से चार गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, एक मकान में घरेलू गैस सिलेंडरों से लदा टेंपो भी खड़ा किया जाता है, जिसे लेकर रहवासियों की चिंता बढ़ गई है।
रहवासियों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों से भरा टेंपो रात के समय कॉलोनी में आकर खड़ा कर दिया जाता है। इस संबंध में बार-बार समझाइश देने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। लोगों को आशंका है कि सिलेंडरों से लदे वाहन को कॉलोनी में खड़ा करने से किसी अप्रिय घटना का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में वे चाहते हैं कि वाहन खड़ा करने की उचित व्यवस्था की जाए और सुरक्षा को ध्यान में रखा जाए।
बताया जा रहा है कि संबंधित दोनों मकान मालिक शिवरीनारायण में रहते हैं और उन्होंने अपने मकान किराए पर दे रखे हैं। रहवासियों के मुताबिक, मकान मालिकों को कॉलोनी में चल रही इन गतिविधियों की पूरी जानकारी नहीं है, जबकि इसका सीधा असर यहां रहने वाले लोगों पर पड़ रहा है। एक ओर मकानों के बाहर कई गाड़ियां खड़ी होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है, तो दूसरी ओर घरेलू गैस सिलेंडरों से लदे टेंपो को रात में खड़ा किए जाने से सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल रहवासी आपसी समझाइश के जरिए मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। अभी तक इस संबंध में सरकंडा थाने में औपचारिक शिकायत नहीं की गई है। लेकिन बार-बार समझाने के बावजूद समस्या का बने रहना लोगों की नाराजगी बढ़ा रहा है।
अब सवाल यह है कि आखिर कॉलोनी की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या मकान मालिक अपने किराएदारों को उचित पार्किंग व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाएंगे? क्या घरेलू गैस सिलेंडरों से लदे टेंपो को रातभर कॉलोनी में खड़ा करने के मामले में उचित व्यवस्था बनाई जाएगी? और यदि आपसी समझाइश से समाधान नहीं निकलता है, तो क्या सरकंडा थाना पुलिस रहवासियों की मदद करेगी?
कॉलोनी के रहवासी चाहते हैं कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए, ताकि आवागमन सुचारु रहे और सुरक्षा से जुड़ी किसी भी संभावित परेशानी को समय रहते दूर किया जा सके।








