छत्तीसगढ़
CG High Court News: RTE में आधे से ज्यादा आवेदन अटके, 14 हजार से अधिक लंबित, हाईकोर्ट ने मांगी जवाबदेही
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, तब एडमिशन प्रक्रिया का लंबा खिंचना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया में भारी सुस्ती सामने आई है। आंकड़े बताते हैं कि अब तक आए कुल 38,438 आवेदनों में से 14 हजार से अधिक आवेदन अभी भी लंबित हैं, जबकि केवल 62 प्रतिशत मामलों की ही जांच पूरी हो पाई है। इस धीमी प्रगति पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाबदेही तय करने के संकेत दिए हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब नया शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो चुका है, तब एडमिशन प्रक्रिया का लंबा खिंचना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 7 मई से पहले सभी लंबित प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए और एक स्पष्ट कार्ययोजना पेश की जाए।
दरअसल, RTE के तहत पंजीयन और वेरिफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक का समय निर्धारित था, लेकिन तय समयसीमा के बाद भी बड़ी संख्या में आवेदन जांच के लिए लंबित हैं। कई जिलों में तो जांच की रफ्तार 10 प्रतिशत से भी कम पाई गई है, जिससे पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इधर, शिक्षा विभाग का कहना है कि पहले चरण में करीब 15 हजार छात्रों को सीट आवंटित की जा चुकी है और उन्हें 1 से 30 मई तक एडमिशन लेना है। वहीं दूसरे चरण की प्रक्रिया जून से शुरू होकर अगस्त तक चलेगी।
हालांकि, कोर्ट ने साफ कर दिया है कि प्रक्रिया में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि समय रहते एडमिशन नहीं हुए, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।




