Bilaspur News:कोल इंडिया की कमाई बढ़ी, रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन पर कटौती का आरोप!
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता में कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपनी पूरी सेवा कोयला उद्योग को मजबूत करने में लगाई, सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया

BILASPUR NEWS. कोयला उत्पादन और कंपनी की कमाई बढ़ने के बीच सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सेवानिवृत्त कोयला खदान मजदूर संघ ने कोल इंडिया और एसईसीएल प्रबंधन पर रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ कथित भेदभाव और उपेक्षा का आरोप लगाया है। संघ ने पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधा और आवास से जुड़े लंबित मामलों के समाधान की मांग उठाई है।
संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता में कहा कि जिन कर्मचारियों ने अपनी पूरी सेवा कोयला उद्योग को मजबूत करने में लगाई, सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि 1 अक्टूबर 2017 के बाद पेंशन निर्धारण में वेतन के महत्वपूर्ण हिस्से एसडीए को गणना से बाहर किए जाने के कारण कोल इंडिया के करीब डेढ़ लाख कर्मियों को हर माह 300 से 600 रुपए तक कम पेंशन मिल रही है।
पेंशन गणना पर उठाया सवाल
संघ का कहना है कि पेंशन निर्धारण में हुई कथित विसंगति को दूर कर पेंशन का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए। इस संबंध में लंबे समय से मांग उठाए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
ग्रेच्युटी में अधिकारियों-मजदूरों के बीच अंतर का आरोप
संघ ने वर्ष 2017 के बाद ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार अधिकारियों को 20 लाख रुपए तक ग्रेच्युटी का लाभ मिला, जबकि मजदूर 10 लाख रुपए की सीमा में रह गए। संघ का दावा है कि ग्रेच्युटी कानून कर्मचारी की श्रेणी के आधार पर इस तरह के भेदभाव का प्रावधान नहीं करता। संगठन ने बढ़ी हुई ग्रेच्युटी का लाभ समान प्रभावी तिथि से देने और पुराने बकाए का भुगतान करने की मांग की है।
खाली क्वार्टरों पर भी प्रबंधन को घेरा
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं में चिकित्सा सुविधा और आवास का मुद्दा भी शामिल है। संघ का आरोप है कि एसईसीएल के कई आवास खाली पड़े-पड़े जर्जर हो रहे हैं, लेकिन जरूरतमंद सेवानिवृत्त कर्मियों को उनका आवंटन नहीं किया जा रहा। संगठन ने आवास आवंटन की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की है।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों पर भी साधा निशाना
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बीएमएस, इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस जैसी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सेवा अवधि में मजदूरों के साथ खड़ी रहने वाली यूनियनें सेवानिवृत्ति के बाद उनके मुद्दों को उसी मजबूती से नहीं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की कथित नीतियों के साथ यूनियनों की निष्क्रियता भी सेवानिवृत्त कर्मियों की परेशानी का कारण बन रही है।
संघ ने बताया कि देशभर के सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से संगठन का गठन किया गया है। अब पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा सुविधा और आवास समेत अन्य मांगों को लेकर प्रबंधन और सरकार के समक्ष आवाज बुलंद की जाएगी।
19 सितंबर को एसईसीएल स्तर का सम्मेलन
मांगों को लेकर 19 सितंबर को इंदिरा विहार स्थित एसईसीएल कॉलोनी के प्रियदर्शिनी भवन में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक एसईसीएल स्तर का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
पत्रकारवार्ता में जोनल अध्यक्ष राम अवतार अलगमकर, मंत्री एसपी कुंडू, कार्यसमिति सदस्य भक्तिमय चौधरी, एसईसीएल जोनल महामंत्री बुद्धि सागर साही, कोषाध्यक्ष योगेश केसर, बृजेश पासवान और चंचल मित्रा मौजूद रहे।







