छत्तीसगढ़

Bilaspur News: भादी मावस की पूर्व संध्या पर गूंजा दादी का जयकारा, 300 महिलाओं ने किया मंगलगान; संगीतमय मंगल पाठ में झूमे श्रद्धालु

श्री राणी सती दादी जी की विस्तृत अमर कथा का संगीतमय मंगल पाठ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 महिलाओं ने नृत्य और भजनों के साथ मंगलगान कर दादी जी की आराधना की।

BILASPUR NEWS. भादी मावस अमावस्या के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर बुधवार को बिलासपुर स्थित श्री राणी सती दादी जी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। श्री राणी सती दादी जी की विस्तृत अमर कथा का संगीतमय मंगल पाठ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 300 महिलाओं ने नृत्य और भजनों के साथ मंगलगान कर दादी जी की आराधना की।

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कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश जी के आवाहन के साथ हुआ। इसके बाद पांच स्कंधों में दादी जी की जीवनगाथा का मंगल पाठ किया गया। श्री दादी जी के जन्म से लेकर उनके सतीत्व और पुनः शक्ति स्वरूप में प्रकट होने तक की कथा भजनों के माध्यम से प्रस्तुत की गई।

मधुर भजनों से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर

सुप्रसिद्ध गायिका श्रुति झुनझुनवाला ने अपनी मधुर आवाज में संगीतमय मंगल पाठ कराया। इस दौरान गणेश वंदना, हनुमान जी, भगवान शिव, पितृदेव, गुरु और जगदंबा की स्तुति के साथ श्री राणी सती दादी जी के भजनों की प्रस्तुति हुई।

कितना प्यारा आज दरबार लगा है, दादी तुमको झुंझुनू से आज बिलासपुर आना है’, ‘सुनो जी हम दादी वाले हैं, हम तो दादी के दीवाने हैं’ और ‘जयकारा रानी सती का’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।

मां नारायणी से राणी सती दादी तक की सुनाई कथा

मंगल पाठ में दादी जी की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। मान्यता के अनुसार महाभारत काल की अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा का पुनर्जन्म राजस्थान के डोकड़ा गांव में मां नारायणी के रूप में हुआ। उनका विवाह हिसार निवासी तनधन दास जी से हुआ था। विवाह के बाद लौटते समय हुए युद्ध में तनधन दास जी वीरगति को प्राप्त हुए। पति की मृत्यु के बाद मां नारायणी ने रणचंडी का रूप धारण कर उनके हत्यारे राजा का वध किया और बाद में अपने पति के साथ सती हुईं। मान्यता है कि इसके बाद वे पुनः शक्ति स्वरूप में प्रकट हुईं और झुंझुनू में उनका भव्य मंदिर स्थापित हुआ।

आज श्री राणी सती दादी जी को मारवाड़ी समाज सहित अनेक परिवारों में कुलदेवी के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।

मंगल आरती के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

मंगल पाठ के समापन पर श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना की और श्री दादी जी की मंगल आरती की। कार्यक्रम की सफलता में दादी जी के ग्रुप ‘गजरा का विशेष सहयोग रहा। नारायणी महिला समिति की रानू, ऊषा, सीमा, सुनीता, अनीता, संगीता, सविता, सरिता, सावित्री, निकिता अग्रवाल, प्रमिला तुलस्यान, तृप्ति टिबरेवाल, सुनीता शर्मा, अनीता बंसल, अमिता खेड़िया सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।

मंदिर ट्रस्ट की ओर से अशोक अग्रवाल, लक्ष्मण खेड़िया, बिहारी जालान, बृजेश अग्रवाल, राजेंद्र खेड़िया तथा मंदिर के पंडित श्री पाण्डेय जी उपस्थित रहे।

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10 सितंबर को सुबह से रात तक होंगे भक्ति के कार्यक्रम

भादी मावस के अवसर पर 10 सितंबर, गुरुवार को बिलासपुर स्थित श्री दादी मंदिर में सुबह से जात एवं धोक पूजा का आयोजन होगा। इसके बाद शाम को भजन संध्या का कार्यक्रम रखा गया है। कार्यक्रम में कोलकाता के श्री श्याम अग्रवाल अपनी मधुर आवाज में भजनों की प्रस्तुति देंगे। पर्व को लेकर दादी भक्तों और मारवाड़ी समाज में खासा उत्साह है।

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