छत्तीसगढ़

Accident News: पंडाल में प्रसाद लेने गए दो दोस्त… लौटे तो पटरी पर बिछा था मातम, मोबाइल गेम खेल रहे दो छात्रों के साथ हुआ दर्दनाक हादसा

सकरेलीभाठा निवासी टिकेश साहू और नवीन खांडे अपने दो अन्य दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पास के गणेश पंडाल में प्रसाद वितरण शुरू हो गया। दोनों दोस्त प्रसाद लेने चले गए, जबकि टिकेश और नवीन वहीं पटरी पर बैठकर मोबाइल में गेम खेलने लगे।

SAKTI NEWS. गणेश पंडाल में प्रसाद लेने गए दोस्तों को क्या पता था कि लौटकर उनके सामने ऐसा मंजर होगा, जिसे वे जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे। सकरेलीभाठा फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर बैठे दो कक्षा 9वीं के छात्र मोबाइल गेम खेलते रह गए और इसी दौरान तेज रफ्तार मालगाड़ी वहां पहुंच गई। दोनों छात्रों को ट्रेन ने अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 14 वर्षीय टिकेश साहू की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसका साथी नवीन खांडे गंभीर रूप से घायल हो गया।

चार दोस्त पहुंचे थे, दो चले गए प्रसाद लेने

घटना 15 सितंबर की रात करीब 8 बजे की है। सकरेलीभाठा निवासी टिकेश साहू और नवीन खांडे अपने दो अन्य दोस्तों के साथ रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे थे। इसी दौरान पास के गणेश पंडाल में प्रसाद वितरण शुरू हो गया। दोनों दोस्त प्रसाद लेने चले गए, जबकि टिकेश और नवीन वहीं पटरी पर बैठकर मोबाइल में गेम खेलने लगे।

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कुछ मिनटों का खेल बन गया जिंदगी का आखिरी सफर

दोनों छात्र मोबाइल गेम में इस कदर व्यस्त थे कि उन्हें आसपास की गतिविधियों का ध्यान नहीं रहा। दोनों ने कानों में ईयरफोन भी लगा रखा था। इसी दौरान बाराद्वार की ओर से मालगाड़ी आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से टिकेश की मौके पर ही मौत हो गई। नवीन गंभीर रूप से घायल होकर पटरी के पास पड़ा मिला।

घायल छात्र को चांपा किया गया रेफर

हादसे के बाद आसपास के लोगों ने नवीन को तत्काल बाराद्वार अस्पताल पहुंचाया। उसके सिर, कंधे और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए चांपा रेफर कर दिया।

घटना ने खड़ा किया बड़ा सवाल—बच्चे पटरी तक पहुंच कैसे रहे हैं?

यह हादसा केवल मोबाइल गेमिंग के खतरे तक सीमित नहीं है। घटना ने बच्चों के रेलवे ट्रैक और उसके आसपास पहुंचने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में नाबालिगों को अक्सर रेलवे लाइन के आसपास घूमते या बैठते देखा जाता है। ऐसे में रेलवे पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अभिभावकों के स्तर पर जागरूकता और निगरानी की जरूरत सामने आ रही है।

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गांव में पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही बाराद्वार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। 16 सितंबर की सुबह पंचनामा कार्रवाई के बाद टिकेश के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। मासूम की मौत के बाद परिवार के साथ पूरे गांव और स्कूल में शोक का माहौल है।

यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि रेलवे ट्रैक खेलने या मोबाइल चलाने की जगह नहीं है। कुछ मिनटों की लापरवाही दो परिवारों की जिंदगी बदल सकती है।

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