खैर लकड़ी तस्करी का ‘काला धन’! आरोपी के घर छापा, थैले में मिले 81 लाख रुपये कैश
फर्जी एनओसी के सहारे खैर (कत्था) लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम अपराध से अर्जित संपत्ति होने की आशंका है। इसे जब्त कर पुलिस ने अब संपत्ति कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

MAHASMUND NEWS. फर्जी एनओसी के सहारे खैर (कत्था) लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम अपराध से अर्जित संपत्ति होने की आशंका है। इसे जब्त कर पुलिस ने अब संपत्ति कुर्की की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
23.35 टन खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से खुली परतें
मामले की शुरुआत वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर दर्ज अपराध से हुई। जांच में सामने आया कि करीब 23,350 किलोग्राम यानी 23.35 टन खैर लकड़ी का अवैध परिवहन किया गया था। आरोपियों पर फर्जी NTPS NOC तैयार कर उसे असली दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप है। पिथौरा थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो कई अहम सुराग हाथ लगे।
सर्च वारंट लेकर मुड़पार पहुंची पुलिस
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय से आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए सर्च वारंट हासिल किया। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को पुलिस टीम गवाहों और मकान के केयरटेकर की मौजूदगी में वहां पहुंची और तलाशी शुरू की।
थैले में छिपाकर रखी थी 500 के नोटों की 162 गड्डियां
तलाशी के दौरान पुलिस को एक थैला मिला। जब उसे खोला गया तो अंदर 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। कुल 16,200 नोटों की गिनती की गई, जिसकी कीमत 81 लाख रुपये निकली। इतनी बड़ी नकद रकम मिलने से जांच की दिशा और गंभीर हो गई है।
कुर्की के लिए कोर्ट में आवेदन
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने बरामद 81 लाख रुपये को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए BNSS की धारा 107 के तहत न्यायालय में कुर्की का आवेदन भी प्रस्तुत किया है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य अवैध कमाई को सुरक्षित रखने या उसके इस्तेमाल पर रोक लगाना है। मामले में अब पुलिस फर्जी एनओसी, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और बरामद नकदी के बीच संबंधों की जांच कर रही है।







