बिलासपुर में 45 साल पुरानी परंपरा का रोमांच, आधी रात ग्रीस लगे खंभे पर चढ़कर युवाओं ने फोड़ी मटकी
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर करोना चौक एक बार फिर पारंपरिक खेल और उत्साह का गवाह बना। यहां पिछले 45 वर्षों से चली आ रही मलखंभ प्रतियोगिता इस वर्ष भी धूमधाम से आयोजित की गई। शाम से शुरू हुए आयोजन में खिलाड़ियों ने ग्रीस लगे खंभे पर चढ़कर अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया, वहीं आधी रात श्रीकृष्ण जन्म के बाद मटकी फोड़ने को लेकर खासा रोमांच देखने को मिला।

BILASPUR NEWS. भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर करोना चौक एक बार फिर पारंपरिक खेल और उत्साह का गवाह बना। यहां पिछले 45 वर्षों से चली आ रही मलखंभ प्रतियोगिता इस वर्ष भी धूमधाम से आयोजित की गई। शाम से शुरू हुए आयोजन में खिलाड़ियों ने ग्रीस लगे खंभे पर चढ़कर अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया, वहीं आधी रात श्रीकृष्ण जन्म के बाद मटकी फोड़ने को लेकर खासा रोमांच देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर विधायक अमर अग्रवाल ने पूजा-अर्चना कर किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न होने के बाद मलखंभ प्रतियोगिता शुरू हुई। आयोजन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग करोना चौक पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
ग्रीस लगे खंभे पर दिखा दमखम
मलखंभ भारतीय पारंपरिक खेल एवं व्यायाम की प्राचीन विधा है। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने लकड़ी के खंभे पर चढ़कर विभिन्न शारीरिक कौशल और करतब दिखाए। ग्रीस लगे खंभे पर चढ़ना आसान नहीं था, लेकिन प्रतिभागियों ने पूरी ताकत झोंक दी। शाम से ही मटकी फोड़ने वाले प्रतिभागी अपनी बारी का इंतजार करते हुए खंभे पर जोर आजमाइश करते रहे।
आधी रात के बाद शुरू हुआ मटकी फोड़ने का रोमांच
आयोजन का सबसे रोमांचक दौर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के निर्धारित समय के बाद शुरू हुआ। आयोजन समिति ने प्रतिभागियों को तीन-तीन के समूह में मौका दिया। जैसे ही प्रतियोगिता शुरू हुई, पहले ही समूह के यश यादव, आर्यन यादव और रितेश नामदेव ने ग्रीस लगे खंभे पर चढ़कर करीब रात 12.30 बजे मटकी फोड़ने में सफलता हासिल कर ली। मटकी फूटते ही मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर जयकारे लगाए और विजेताओं का उत्साह बढ़ाया।

विजेताओं को 15 हजार नगद और शील्ड
समापन अवसर पर नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ललित मखीजा तथा समाजसेवी जवाहर सराफ अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने विजेता तीनों प्रतिभागियों यश यादव, आर्यन यादव और रितेश नामदेव को 15 हजार रुपये नगद, शील्ड और सदर बाजार व्यापारियों की ओर से गिफ्ट हैम्पर प्रदान किया। विजेताओं का माला पहनाकर स्वागत भी किया गया।
चार दशक बाद भी कायम है परंपरा
आयोजन में भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, भाजपा नेत्री किरण सिंह, सराफा संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी, सीएमडी कॉलेज के चेयरमैन संजय दुबे, प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, आयोजन समिति के बसंत शर्मा, हबीब मेमन, अरविंद गुलहरे, अनिक केसरवानी, लक्की यादव, रोनित और जानू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

आयोजकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि 45 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता अब बिलासपुर की खेल और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बन चुकी है। ऐसे आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को भारतीय पारंपरिक खेलों, संस्कृति और उत्सवों से जोड़ने का अवसर मिलता है। चार दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी करोना चौक की यह परंपरा आज भी उसी उत्साह और रोमांच के साथ कायम है।








