ACB Action: मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत लेते SI रंगे हाथों गिरफ्तार, ASI भी हिरासत में
मामला पोड़ी चौकी क्षेत्र के ग्राम पोड़ी का है। यहाँ के निवासी किसान सत्येंद्र प्रजापति के घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। किसान ने गांव के ही एक मजदूर मोहित घसिया से ईंटें बनवाई थीं। 21 फरवरी को मजदूर ने ईंट बनाने के लिए एक गड्ढा खोदा था, जिसमें पानी भर गया। उसी रात दुर्भाग्यवश मजदूर के बेटे की उस गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।

KORIYA NEWS. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक किसान को मर्डर केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांग रहे सब-इंस्पेक्टर (SI) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में संलिप्त एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को भी हिरासत में लिया गया है।
मामला पोड़ी चौकी क्षेत्र के ग्राम पोड़ी का है। यहाँ के निवासी किसान सत्येंद्र प्रजापति के घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। किसान ने गांव के ही एक मजदूर मोहित घसिया से ईंटें बनवाई थीं। 21 फरवरी को मजदूर ने ईंट बनाने के लिए एक गड्ढा खोदा था, जिसमें पानी भर गया। उसी रात दुर्भाग्यवश मजदूर के बेटे की उस गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
घटना के बाद मामला थाने पहुंचा। पोड़ी चौकी में पदस्थ SI अब्दुल मुनाफ और ASI गुरु प्रसाद यादव ने मामले की जांच के दौरान किसान सत्येंद्र पर दबाव बनाया। उन्होंने किसान को डराया कि उस पर हत्या (मर्डर) का केस दर्ज किया जा सकता है। मामले को रफा-दफा करने और आपराधिक मामला दर्ज न करने के बदले पुलिस अधिकारियों ने किसान से 50 हजार रुपये की मांग की।
इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ किसान ने मामले की शिकायत 21 फरवरी को ही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से कर दी। योजना के अनुसार, 24 फरवरी (मंगलवार) को जब किसान रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 25 हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचा, तो ACB की 6 सदस्यीय टीम पहले से ही वहां तैनात थी।
जैसे ही किसान ने केमिकल लगे नोट SI अब्दुल मुनाफ को दिए, ACB की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान SI ने खुद को बचाने के लिए काफी छटपटाहट दिखाई और अफसरों से कहा कि उसके साथ “जबरदस्ती” की जा रही है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दूसरी गिरफ्तारी अंबिकापुर से
ACB ने इस मामले में सह-आरोपी ASI गुरु प्रसाद यादव को भी हिरासत में लिया है। बताया गया कि घटना के बीच ही 22 फरवरी को ASI का तबादला अंबिकापुर हो गया था, जहाँ से टीम ने उसे हिरासत में लिया।
कानूनी कार्रवाई
ACB के डीएसपी प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग आगे की जांच कर रहा है।








