CG High Court News: मुख्यमंत्री DAV स्कूल में बच्चों से मजदूरी कराने का मामला, हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा सचिव से मांगा जवाब
मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने स्कूली बच्चों से सीमेंट, रेत ढुलाई और कक्षाओं की पुताई जैसे श्रम वाले काम करवाए। बच्चों के परिजनों का आरोप है कि काम करने के दौरान कई छात्रों के हाथों में छाले पड़ गए और फोड़े हो गए। जब बच्चों ने काम करने से मना किया, तो उन्हें स्कूल से निकालने (TC काटने) की धमकी दी गई।

BILASPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहाँ ‘मुख्यमंत्री DAV पब्लिक स्कूल’ तिलसिवां में आरटीई (RTE) के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों से स्कूल परिसर में निर्माण कार्य और पुताई करवाई गई। इस मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य के शिक्षा सचिव से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल की प्रिंसिपल पर आरोप है कि उन्होंने स्कूली बच्चों से सीमेंट, रेत ढुलाई और कक्षाओं की पुताई जैसे श्रम वाले काम करवाए। बच्चों के परिजनों का आरोप है कि काम करने के दौरान कई छात्रों के हाथों में छाले पड़ गए और फोड़े हो गए। जब बच्चों ने काम करने से मना किया, तो उन्हें स्कूल से निकालने (TC काटने) की धमकी दी गई।
प्रिंसिपल पर अभद्र व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप
परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया कि जब वे इस मामले पर बात करने स्कूल पहुंचे, तो प्रिंसिपल ने उनसे अभद्र व्यवहार किया। प्रिंसिपल ने कथित तौर पर कहा, “यहाँ सब्जी-भाजी नहीं बेची जाती। आपके बच्चों को फ्री में बैग, किताबें और बिजली मिल रही है, आपका कोई पैसा तो लगता नहीं है।”
इसके अलावा, प्रिंसिपल पर यह भी आरोप है कि उन्होंने स्कूल की एक कक्षा को अवैध रूप से अपने पति के साथ रहने के लिए ‘आवास’ बना लिया है।
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस खबर का स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने इसे अत्यंत गंभीर मामला माना है। राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच के लिए 23 फरवरी को ही एक तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है। अदालत ने अब शिक्षा सचिव को 11 मार्च 2026 तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी पेश करने का आदेश दिया है।
शासन की कार्रवाई
छत्तीसगढ़ सीएमओ (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी दी कि स्कूली बच्चों से श्रमदान कराए जाने का मामला संवेदनशील है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित की गई है और रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसी तरह के एक अन्य मामले में रायगढ़ के प्री-मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में भी छात्राओं से पुताई कराने पर एक महिला कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।








