छत्तीसगढ़
Crime News: धान खरीदी में बड़ा घोटाला: कागजों में भरा गोदाम, हकीकत में 920 क्विंटल गायब
इस गड़बड़ी से शासन को करीब 28.51 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति से जुड़े तीन जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

BILASPUR NEWS. जिले के मस्तूरी क्षेत्र में धान खरीदी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गंतौरा स्थित सेवा सहकारी समिति में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जहां सरकारी रिकॉर्ड में धान की पूरी खरीदी दिखा दी गई, लेकिन जब जमीन पर जांच हुई तो गोदाम लगभग खाली मिला। करीब 919.96 क्विंटल धान गायब मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
इस गड़बड़ी से शासन को करीब 28.51 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समिति से जुड़े तीन जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कागजों में खेल, जमीन पर सच्चाई अलग
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि स्टॉक रजिस्टर में धान की पूरी एंट्री मौजूद थी। यानी कागजों में गोदाम भरा हुआ दिखाया गया था, लेकिन भौतिक सत्यापन में बड़ी मात्रा में धान नदारद मिला। इससे साफ है कि पूरा खेल रिकॉर्ड में हेराफेरी कर रचा गया।
मिलीभगत से अंजाम दिया गया घोटाला
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। समिति के प्रबंधक, अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर डेटा में बदलाव किया और धान की हेराफेरी कर दी। डिजिटल रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर ने ही इस घोटाले की पोल खोल दी।
जांच का दायरा बढ़ा
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अब अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। धान खरीदी से जुड़े कुछ और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस अब लेन-देन और पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
प्रशासन की सख्ती के संकेत
कलेक्टर के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई से यह संकेत साफ है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। अधिकारियों का कहना है कि जिले के अन्य खरीदी केंद्रों की भी जांच की जा सकती है।



