छत्तीसगढ़

CG High Court News: योग्यता और वरिष्ठता दरकिनार कर बना खेल खत्म! हाईकोर्ट ने पलटी प्रमोशन लिस्ट

यह विवाद रायपुर नगर निगम के सहायक ग्रेड-2 पद पर कार्यरत भारतेश नेताम की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से कोर्ट को बताया कि वह पिछले 5 वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने सरकारी लेखा प्रशिक्षण विद्यालय से आवश्यक योग्यता भी प्राप्त कर ली है।

BILASPUR NEWS. ​छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विभाग पदोन्नति की प्रक्रिया के दौरान किसी भी योग्य और वरिष्ठ कर्मचारी की दावेदारी को अनदेखा नहीं कर सकता। जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए पुरानी पदोन्नति सूची को रद्द कर दिया है और विभाग को नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

​यह विवाद रायपुर नगर निगम के सहायक ग्रेड-2 पद पर कार्यरत भारतेश नेताम की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता संदीप दुबे के माध्यम से कोर्ट को बताया कि वह पिछले 5 वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं और उन्होंने सरकारी लेखा प्रशिक्षण विद्यालय से आवश्यक योग्यता भी प्राप्त कर ली है।

​2018 के नियमों के अनुसार, वह सहायक लेखा अधिकारी के पद पर पदोन्नति के पात्र थे। हालांकि, 14 जनवरी 2025 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक में उनके नाम पर विचार नहीं किया गया, जबकि उनसे जूनियर कर्मचारियों को प्रमोट कर दिया गया।

कोर्ट में दी गई दलीलें

याचिकाकर्ता का पक्ष: अधिवक्ता संदीप दुबे ने तर्क दिया कि भारतेश नेताम ने लेखा विभाग में जाने की इच्छा के कारण पूर्व में ‘सहायक ग्रेड-1’ के पद पर प्रमोशन छोड़ दिया था। 17 जनवरी 2025 के आदेश के तहत जिन तीन कर्मचारियों को प्रमोट किया गया, वे सभी याचिकाकर्ता से जूनियर हैं। उनके नाम पर विचार न करना नियमों का खुला उल्लंघन है।​

प्रतिवादी का पक्ष: विपक्षी कर्मचारियों के वकीलों ने दलील दी कि याचिकाकर्ता ने पहले अपना प्रमोशन छोड़ा था, इसलिए नियमानुसार एक वर्ष तक उनके नाम पर दोबारा विचार नहीं किया जा सकता।

हाईकोर्ट का निर्णय

​माननीय न्यायालय ने प्रतिवादी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि पदोन्नति के लिए पात्रता रखने वाले उम्मीदवारों की अनदेखी करना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने अपने आदेश में निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  1. पदोन्नति आदेश रद्द: 17 जनवरी 2025 को जारी की गई विवादित पदोन्नति सूची को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
  2. नई DPC का गठन: सचिव नगरीय प्रशासन और कमिश्नर नगर निगम रायपुर को निर्देश दिया गया है कि वे कानून के अनुसार समीक्षा विभागीय पदोन्नति समिति का गठन करें।
  3. योग्यता के आधार पर चयन: नई समिति उन सभी पात्र उम्मीदवारों के नामों पर विचार करेगी जिन्होंने लेखा प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है। इसके बाद ही सहायक लेखा अधिकारी के पद पर नई पदोन्नति सूची जारी की जाएगी।

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