छत्तीसगढ़

Bilaspur News: छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने रतनपुर महामाया मंदिर ट्रस्ट में छत्तीसगढ़िया समाज को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन।

Bilaspur News: रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर में स्थानीय छत्तीसगढ़िया समाज को विभिन्न व्यवस्थाओं में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, बिलासपुर द्वारा महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति को ज्ञापन सौंपा गया जिसमे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी बिलासपुर ने समर्थन दिया।

Bilaspur News: रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर में स्थानीय छत्तीसगढ़िया समाज को विभिन्न व्यवस्थाओं में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, बिलासपुर द्वारा महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति को ज्ञापन सौंपा गया जिसमे जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी बिलासपुर ने समर्थन दिया। ज्ञापन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने चिंता व्यक्त की है कि रतनपुर ट्रस्ट समिति में कोई आदिवासी समाज से नही है, केवल कुछ एक समाज के द्वारा ट्रस्ट बना कर रतनपुर मंदिर में एकाधिकार कर लिया गया है।

संगठन ने चिंता व्यक्त की है कि सर्व हिन्दू समाज की बात करने वाले रतनपुर मंदिर ट्रस्ट में आदिवासी समय और सतनामी समाज को स्थान नही दिया गया है इससे बड़ा सवाल उठता है कि क्या आदिवासी समाज और सतनामी समाज हिन्दू नही है।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला संयोजक मनोज कौशिक ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मंदिर की पूजा-पाठ एवं धार्मिक सेवा व्यवस्था में योग्य स्थानीय छत्तीसगढ़िया बहवांन/पुजारियों को प्राथमिकता दी जाए। मंदिर परिसर में प्रसाद, पूजा सामग्री एवं अन्य दुकानों के आवंटन में स्थानीय छत्तीसगढ़िया व्यापारियों को अवसर दिया जाए तथा मंदिर में उपयोग होने वाली सामग्री की खरीदी में बिलासपुर जिले के स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को प्राथमिकता मिले।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के द्वारा ₹100 लेकर VIP दर्शन की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए इसे बंद कर सभी श्रद्धालुओं के लिए समान दर्शन व्यवस्था लागू करने की मांग की। संगठन का कहना है कि महामाया मंदिर पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था का केंद्र है, इसलिए दर्शन व्यवस्था में श्रद्धालुओं के बीच आर्थिक आधार पर अंतर नहीं होना चाहिए।

ज्ञापन में धर्मशाला के कमरों की व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि यदि मंदिर ट्रस्ट या मंदिर से जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा धर्मशाला के कमरे नियमों के विपरीत निजी उपयोग में रखे गए हैं, तो इसकी जांच कर कमरों को सामान्य श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

इसके अलावा मंदिर में कार्यरत लोगों में श्रद्धा भाव से सेवा करने वाले तथा वेतन लेकर कार्य करने वाले कर्मचारियों/सेवकों की सूची सार्वजनिक करने, दुकान आवंटन, सामग्री खरीदी, धर्मशाला एवं दर्शन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने कहा कि, “महामाया दाई के दरबार में स्थानीय छत्तीसगढ़िया समाज को सम्मान, रोजगार और उचित अवसर मिलना चाहिए। हमारी मांग किसी व्यक्ति या समाज के विरोध में नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों को प्राथमिकता, पारदर्शिता और सभी श्रद्धालुओं के लिए समान दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने की है।”

इस अवसर पर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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