Crime News: हाई सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा का ‘सुराख’! आखिर गैसीफायर की जलती भट्ठी तक कैसे पहुंचा सजायाफ्ता कैदी?
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने जेल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए FSL टीम को भी बुलाया गया है।

BILASPUR NEWS. प्रदेश की हाई सिक्योरिटी मानी जाने वाली बिलासपुर सेंट्रल जेल में बुधवार को हुई एक कैदी की दर्दनाक मौत ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। डबल मर्डर के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा राहुल उर्फ विकेश कंवर (46) आखिर जेल के उस हिस्से तक कैसे पहुंच गया, जहां गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी संचालित हो रही थी? यही सवाल अब पूरे मामले की जांच के केंद्र में है।
घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने जेल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की परिस्थितियों की जांच के लिए FSL टीम को भी बुलाया गया है।
कैदी भट्ठी तक पहुंचा या पहुंचाया गया?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जेल परिसर में गैसीफायर प्लांट में लकड़ियों से गैस तैयार की जाती है, जिसका इस्तेमाल जेल की रसोई में भोजन पकाने के लिए किया जाता है। घटना के वक्त प्लांट की भट्ठी चालू थी। इसी दौरान राहुल वहां पहुंचा और जलती भट्ठी में छलांग लगा दी।
अब जांच का अहम बिंदु यही है कि एक सजायाफ्ता कैदी की संवेदनशील प्लांट क्षेत्र तक पहुंच कैसे हुई? क्या वहां सुरक्षा और निगरानी के पर्याप्त इंतजाम थे? क्या ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की नजर कैदी पर थी? पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब तलाश रही है।
किसकी थी ड्यूटी, किस स्तर पर हुई चूक?
घटना के बाद जेल में तैनात कर्मचारियों की ड्यूटी और मूवमेंट की भी जांच की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय संबंधित क्षेत्र में कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे और कैदी वहां तक कितनी देर में पहुंचा।
यदि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी भी तय हो सकती है। यही वजह है कि इस घटना को केवल कैदी की मौत के तौर पर नहीं, बल्कि जेल की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
FSL जांच से मिलेंगे अहम सुराग
घटनास्थल पर FSL टीम की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना का पूरा क्रम समझने का प्रयास करेगी। साथ ही कैदी की मानसिक स्थिति, हाल की गतिविधियों और घटना से पहले उसके व्यवहार की भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुरानी घटनाओं से फिर उठे सवाल
बिलासपुर सेंट्रल जेल पहले भी बंदियों के बीच विवाद, संदिग्ध मौत, मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों की बरामदगी जैसी घटनाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर जेल के भीतर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है। राहुल ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया और हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर वह जलती भट्ठी तक आखिर कैसे पहुंचा—इन दोनों सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।








